उदयपुर के सायरा में खुद के घर को फर्जी हॉस्पिटल के रूप में चला रहे सरकारी नर्सिंग ऑफिसर को एपीओ कर दिया है। वहीं, इस मामले में लगातार अनदेखी करने वाली सायरा चिकित्सा प्रभारी डॉ निरमा दायमा को हटा दिया है। इनकी जगह डॉ पिंकेश गुर्जर को लगाया है। नर्सिंग ऑफिसर जसराज सोलंकी सायरा सरकारी हॉस्पिटल(सीएचसी) में करीब 25 साल से तैनात है। वह अपने दो मंजिला घर के तीन से चार कमरों में करीब 9 बैड का अवैध हॉस्पिटल चला रहा था। सायरा सीएचसी में नौकरी करने बावजूद अपने घर में अवैध हॉस्पिटल चला रहा था। यहां मरीजों का इलाज करता और सरकारी दवाइयां देता था। एक दिन पूर्व सीएमएचओ डॉ अशोक आदित्य ने यहां छापामार कार्रवाई की। उन्हें यहां से करीब 1 लाख रुपए कीमत की सरकारी दवाइयां और 2 लाख कीमत की बाहर की दवाइयां जब्त की। सीएमएचओ ने बताया कि सरकारी दवाइयां मिलना बेहद गंभीर अपराध है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। CMHO ने चिकित्साधिकारी को पूछा, सरकारी दवाएं आपके अस्पताल की, जबाव- हां
सीएमएचओ डॉ आदित्य ने निरीक्षण के दौरान सायरा चिकित्सा प्रभारी डॉ निरमा दायमा को मौके पर बुलाया था। उन्हें नर्सिंग ऑफिसर के अवैध हॉस्पिटल में मिली सरकारी दवाएं दिखाईं और पूछा कि ये दवाएं आपके हॉस्पिटल की है? इस पर डॉ दायमा ने हां का जबाव दिया। सीएमएचओ ने उनसे पूछा कि क्या आपके पास इसकी शिकायत नहीं आईं। इस पर डॉ दायमा बोलीं-नहीं आई। फिर सीएमएचओ बोले-मेरे पास शिकायत आ रही है आपके पास क्यों नहीं आई।


