भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे मुकाबले को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि टिकटों की खुलकर काला बाजारी हो रही है और क्रिकेट प्रेमियों के साथ साथ छात्रों को भी टिकट लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का दावा है कि क्रिकेट संघ ने टिकटों को ऑनलाइन बेचने की घोषणा की थी, लेकिन वेबसाइट मात्र 30 मिनट में ही बंद कर दी गई। जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक भी की उनको, मैन्युअल टिकट लेने के लिए इंडोर स्टेडियम बुला लिया गया, जहां हालात और बिगड़ गए।” इंडोर स्टेडियम में टिकट लेने पहुंची भारी भीड़ घंटेभर लाइन में खड़ी रही, लेकिन वहां भी टिकट काउंटर थोड़े ही समय में बंद कर दिए गए। सारे टिकट मंत्रियों के बंगले भेजे जा रहे हैं कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्रों को रियायती टिकट देने की घोषणा तो की गई, लेकिन असल में किसी भी छात्र को रियायत नहीं मिली। पार्टी का कहना है कि “छात्र घंटों भटके, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। ज्यादातर टिकट पीछे के दरवाजे से बेच दिए गए। आम जनता पैसे देकर भी टिकट नहीं खरीद पा रही है।” VIP को भेजे जा रहे कंप्लीमेंट्री टिकट, जनता हुई परेशान-सुशील आनंद शुक्ला कांग्रेस का आरोप है कि आयोजकों ने भारी संख्या में कंप्लीमेंट्री टिकट मंत्रियों, सत्तारूढ़ दल के नेताओं और अधिकारियों को पहुंचा दिए, जबकि आम लोग टिकट के लिए परेशान हैं।पार्टी ने कहा—“जनता की गाढ़ी कमाई से बना स्टेडियम आज आम लोगों के लिए पहुंच से बाहर हो गया है।” जनता के पैसे से बना स्टेडियम, लेकिन जनता को ही नहीं टिकट कांग्रेस ने याद दिलाया कि रायपुर का वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 2001 में जनता के टैक्स के पैसों से बना था। “आज उसी स्टेडियम में मैच देखने के लिए जनता को धक्के खाने पड़ रहे हैं, जबकि स्टेडियम क्रिकेट संघ को मुफ्त में सौंप दिया गया। यह जनता के अधिकारों का हनन है। मैं भाजपा नेता हूं,मेरे घर तो नहीं आया टिकट: देवलाल ठाकुर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग मैच देखने जाना चाहते हैं, जो स्टेडियम की क्षमता से ज्यादा है,मैं खुद भाजपा नेता हूं,लेकिन मेरे यहां तो टिकट नहीं आया है, कांग्रेस भ्रम फैलाने का काम कर रही है।


