धमतरी में 77 लाख रुपए की लागत से बना जिला पंजीयक कार्यालय भवन महज साढ़े तीन साल में ही जर्जर हो गया है। भवन में दरारें पड़ने और जमीन धंसने की शिकायतें सामने आई हैं। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कार्यालय के अंदर कई जगहों पर जमीन धंस गई है, जिससे टाइल्स टूटकर बिखर गए हैं। दीवारों में भी दरारें आ गई हैं, जो आधा इंच तक चौड़ी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ रहा है। भूपेश बघेल ने किया भूमिपूजन कलेक्टर कार्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित इस भवन में रोजाना सैकड़ों लोग अपनी जमीन के पंजीकरण और रजिस्ट्री के लिए आते हैं। यह भवन साल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से भूमिपूजन के बाद बनना शुरू हुआ था। कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन साल 2021 में बनकर तैयार हुआ था। भवन के सामने लगे पटल पर पूर्व मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं और अधिकारियों के नाम अंकित हैं। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि एक तकनीकी टीम भेजकर भवन की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


