महिलाओं को आत्मविश्वास और अवसरों को निडरता से अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से वुमनारी द्वारा प्रेरक सत्र फियरलेस्ली ओनिंग माय अपॉर्च्युनिटीज (FOMO) का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रेरणादायक विचारों, अनुभवों और सशक्तिकरण की कहानियों से भरपूर रहा। इस विशेष अवसर पर सिया उपाध्याय ने संवादात्मक और प्रभावशाली सत्र का संचालन किया। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे डर, संकोच और स्वयं की सीमाओं से बाहर निकलकर जीवन में आने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाया जा सकता है। कार्यक्रम की शुरुआत वुमनारी की संस्थापक नीलम सक्सेना, कमेटी हेड मोनिका करवासरा और मनीषा सक्सेना की ओर से अतिथियों का स्वागत करते हुए हुई। उन्होंने वुमनारी के उद्देश्य, दृष्टि और महिलाओं को सशक्त बनाने के सतत प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शमीना नेहरा की ओर से बनाई गई सुंदर और मनमोहक पेंटिंग्स सभी अतिथियों को स्मृति उपहार के रूप में प्रदान की गईं, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं। स्टोरीटेलिंग सर्कल ने किया भावविभोर कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली भाग रहा स्टोरीटेलिंग सर्कल, जहां फोरम की प्रेरक सदस्यों ने अपनी असली जीवन यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियां साझा कीं। अपने अनुभव साझा करने वालों में नीतू आहूजा, डॉ. पूजा रूंगटा, डॉ. शालिनी माथुर, सोनिका मुंजाल, प्रियंका नागपाल, हंसा राठौड़ (श्रीपा), नीलम गुप्ता और सुरिति चुघ शामिल रही। कार्यक्रम का संचालन गुंजन कंडोई ने उत्साहपूर्ण अंदाज में किया, जिससे पूरा माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस आयोजन में फोरम की सक्रिय सदस्य शिखा जैन, सोनिया, सविता, रूपा और हर्षा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास वुमनारी की संस्थापक नीलम सक्सेना ने कहा कि वुमनारी का उद्देश्य महिलाओं को सीखने, जुड़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। भविष्य में भी हम ऐसे प्लेटफॉर्म बनाते रहेंगे, जो महिलाओं में आत्मविश्वास, क्षमता और नेतृत्व कौशल को मजबूत करें।


