निवाली कस्तूरबा कन्याश्रम में ‘ऑपरेशन मुस्कान’:बालिकाओं को सुरक्षा, आत्मरक्षा के प्रति किया गया जागरूक

बड़वानी जिले के निवाली स्थित कस्तूरबा कन्याश्रम में रविवार को ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बालिकाओं को सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 01 से 30 नवंबर 2025 तक संचालित ‘मुस्कान विशेष अभियान’ का हिस्सा था। इसका आयोजन थाना निवाली प्रभारी आर. के. लोवंशी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर (भा.पु.से.) ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने शिक्षा को अपनी शक्ति बनाने और जीवन में एक अच्छा इंसान बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया। डावर ने बालिकाओं को अजनबियों से दूरी बनाने, सतर्क रहने, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। उन्होंने शिक्षित बालिकाओं को परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बताया। एसडीओपी महेश सुनेया ने बालिकाओं को विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया सावधानियाँ, बाल अधिकार एवं कानूनी सुरक्षा, प्राथमिक आत्मरक्षा तकनीक और असुरक्षित परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता के उपायों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। सुनेया ने बालिकाओं को मानसिक सुरक्षा, आत्मविश्वास तथा गलत व्यवहार की रिपोर्टिंग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी असामान्य टिप्पणी, गलत व्यवहार या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन (1090), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), साइबर अपराध रिपोर्टिंग (1930) और आपातकालीन सेवा (112) जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी बताए गए। बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि बालिका की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और बालक की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष है। बालिकाओं से अपील की गई कि यदि कहीं भी नाबालिग विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस अवसर पर विद्यालय की संचालिका पुष्पा दीदी, काला दीदी, विद्यालय का समस्त स्टाफ तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। अभियान का उद्देश्य
यह कार्यक्रम बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, सुरक्षा-जागरूकता विकसित करने, तथा सुरक्षित वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। ऑपरेशन मुस्कान’ का संदेश स्पष्ट है सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, और शिक्षा को अपनी शक्ति बनाएं

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