राजस्थान श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने करौली जिले के 20 मिट्टी कामगारों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया है। सभी चयनित कामगारों को 10 दिन का प्रशिक्षण करौली जिला मुख्यालय पर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के आखिरी दिन कामगारों को विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीन प्रदान की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने उद्योग भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह प्रक्रिया पूरी की। टाक ने बताया कि 2024-2025 के बजट में 1000 विद्युत चालित चाक और मिट्टी गूंथने की मशीनें वितरित करने की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत श्रीयादे माटी कला बोर्ड ने जागरूकता शिविरों के जरिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाई। करौली जिले से प्राप्त 150 आवेदनों में 4 दिव्यांगजन और 1 विधवा महिला को वरीयता दी गई, जबकि शेष 15 चयन लॉटरी के माध्यम से हुए। प्रशिक्षण के बाद उपकरण मिलेंगे
अध्यक्ष टाक ने बताया कि इस योजना के तहत पूरे राजस्थान से लगभग 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। पहले चरण में 25 जिलों का चयन किया गया, जिनमें करौली जिला प्रमुखता से शामिल है। अन्य जिलों के आवेदनों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद वहां भी लॉटरी प्रक्रिया के जरिए चयन होगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य परंपरागत माटी कला को आधुनिक उपकरणों की मदद से सशक्त करना है, जिससे कामगारों का कार्य आसान हो और उनकी उत्पादकता बढ़ सके।


