चाइल्ड-लाइन बूंदी की टीम ने पुलिस की सहायता से इंदिरा मार्केट क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क पर बाल श्रम करते हुए पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। टीम में मनजीत कौर, रवि प्रजापत और अर्चना मीणा शामिल थे। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग बालिकाओं और एक नाबालिग बालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चे निर्माणाधीन सड़क पर भारी श्रम कार्य में लगे हुए थे। कार्यस्थल पर उन्हें सुरक्षा, भोजन, विश्राम या किसी भी प्रकार की बाल संरक्षण व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई थी। प्राथमिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे मध्य प्रदेश के निवासी हैं। वे लगभग 15 दिनों से बूंदी में काम कर रहे थे और पिछले चार दिनों से इंदिरा मार्केट क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 9 घंटे श्रम कार्य कर रहे थे। रेस्क्यू के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित माहौल में रखा गया है। उनकी आवश्यक चिकित्सकीय जांच, परामर्श और काउंसलिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम और जेजे एक्ट, 2015 के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। चाइल्ड लाइन बूंदी ने आम जनता से अपील की है कि बाल श्रम, बाल शोषण, बाल विवाह या बच्चों से संबंधित किसी भी प्रतिकूल स्थिति को देखने पर तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना दें। एक सूचना किसी बच्चे के जीवन को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


