नर्मदापुरम में दलित युवक की मौत से परिजन आक्रोशित:माखननगर थाने के सामने शव रख प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी

नर्मदापुरम के माखननगर में रविवार को एक अहिरवार समाज के युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने आक्रोश जताया। आक्रोशित परिजनों ने मृतक का शव माखननगर थाने के सामने रखकर नर्मदापुरम पिपरिया स्टेट हाईवे पर चक्काजाम लगा दिया। करीब एक घंटे से ज्यादा दोपहर 3 बजे से परिजन और उसके समाज के लोग चक्काजाम लगाकर बैठे रहे। इस बीच पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगे। परिजनों ने मृत जितेंद्र की मौत को साजिश बताया। उनका कहना था कि उसे राकेश सिन्हा और निहाल खान ने उससे मारपीट की है, जिससे उसके सिर में चोट आई। हालांकि पुलिस को राकेश सिन्हा और निहाल खान ने बाइक स्लिप होने की कहानी बताई है, लेकिन परिजनों को मारपीट से आई चोट की आशंका है। करीब एक घंटे से ज्यादा चक्काजाम चला। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया। सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान मौके पर पहुंचे। एसडीओपी, थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके ने समझाइश की कोशिश की। लेकिन परिजन एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। एसडीओपी चौहान ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई होगी। बाइक स्लिप होने से सिर में चोट, 15दिन बाद मौत
एसडीओपी संजू चौहान ने बताया जितेंद्र अहिरवार, राकेश सिन्हा, निहाल खान तीनों बाइक से शुक्करवाडा से माखननगर की तरफ आ रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक स्लिप हो गई। जिससे जितेंद्र के सिर में गहरी चोट आई, गंभीर हालत में माखननगर लाया गया। माखननगर से नर्मदापुरम और फिर उसे भोपाल रेफर किया गया। रविवार को भोपाल में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को दोपहर वो 1 बजे रवाना किया। माखननगर में परिवार एवं समाजजनों ने थाने के सामने शव को सड़क पर रख चक्काजाम शुरू कर दिया। मांग है कि मृत्यु का कारण कोई सड़क दुर्घटना नहीं है, उसको मारा गया है, जिसकी जांच कर तत्काल एफआईआर दर्ज हो। एसडीओपी चौहान ने जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने शव हटाया। शाम 6 बजे माखननगर में शव का अंतिम संस्कार हुआ। एक दिन पहले हुआ था विवाद
मृत जितेंद्र अहिरवार, निहाल खान और राकेश सिन्हा के पास डीजे साउंड पर काम करता था। जितेंद्र के छोटे भाई मनीष का कहना है कि 14 नवंबर को भाई के घायल होने से एक दिन पहले 13 नवंबर को जितेंद्र अहिरवार का राकेश और निहाल के साथ विवाद हुआ था। अगले दिन उसके साथी बाइक स्लिप होने का बोल रहे हैं। जब बाइक स्लिप हुई तो उसमें केवल मेरे भाई को ही सिर में चोट आई। बाकी शरीर में कहीं भी चोट नहीं आई। राकेश और निहाल को भी कोई चोट नहीं आई।

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