छह वर्ष पहले बना उद्यान नहीं हुआ शुरू झाड़ियों में तब्दील; लोगों में नाराजगी

कैरो|प्रखंड के ग्राम सढ़ाबे स्थित बूथ संख्या 174 और 175 में भारतीय जनता पार्टी प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र महतो की अगुवाई में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात सुनी गई। मन की बात सुनने के बाद स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया गया और घरों दुकानों में स्वदेशी अपनाओ का पर्ची चिपकाया गया। साथ ही जनता के बीच पर्ची वितरण किया गया। मौके पर प्रखण्ड अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रही है, आज देश का मान सम्मान बढ़ा है। हमे भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर देश की उन्नति के लिए उनके द्वारा बतलाये गए मार्ग पर चलें और देश की उन्नति में भागीदार बने। मौके पर पूर्वअध्यक्ष लखन उरांव, चिखु उरांव, दिनेश यादव, आदित साहू, रेणु यादव, रवि उरांव, संजय महतो, तुलसी साहू, कोशिला मलिन, श्रवण साहू, रविन्द्र साहू, कृष्णा साहू सहित अन्य भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे। भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा में ऐसे स्थान पर चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया गया है जहां पर इसकी उपयोगिता शून्य है। नप द्वारा निर्माण एक ऐसा पार्क भी जो बनने के साथ ही झाड़ियों और कचरे में तब्दील हो चुका है। ना तो इसकी पर्याप्त साफ सफाई की जा रही है और ना ही यह इस योग्य है कि यहां पर बैठकर कुछ समय बिताया जा सके। कुल मिलाकर छः वर्ष पूर्व इसके निर्माण के लिए लगाए गए तीन से चार लाख रुपए की बर्बादी साफ तौर पर नजर आती है। शहरी क्षेत्र के गुदरी बाजार ठकुराइन तालाब के किनारे बेहद छोटे से क्षेत्र में एक चिल्ड्रन पार्क का निर्माण आज से छः साल पहले कराया गया था। यहां पर लोगों के बैठने के लिए जगह तरह-तरह की मूर्तियां, फूल-पौधे, झूले, बाउंड्री वॉल के अलावा कई तरह के काम किए गए थे। इस पार्क के बगल में ही बच्चों के खेलने के लिए भी व्यवस्था की गई थी। आसपास के लोगों को लगा कि अब आस पास के बच्चों के लिए खेलने कूदने की एक अच्छी जगह मिलने जा रही है।वहीं यहां पर पार्क में बैठकर लोगों को दो पल सुकून के बिताने का मौका मिल सके। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, पार्क के नाम पर लाखों रुपए तो खर्च तो हो गए पर इसकी उपयोगिता शून्य ही रह गई। पार्क ना तो कभी ढंग से खोला गया, ना इसकी साफ-सफाई की गई और ना ही यहां पर कभी बच्चों का शोर गूंजा। हुआ बस यह कि झूला और जो दूसरे सामान पार्क के बाहर खुले में लगाए गए, वहां पर कभी कभार बच्चे आकर खेलते हैं। वह भी खराब हो गए है। लोहरदगा में बच्चों के लिए बनाया गया पार्क आज दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का शिकार बन कर रह गया है। पार्क का ताला लगने के बाद से खुला ही नहीं। कचरे का ढेर लगा हुआ है और साफ-सफाई का अभाव लोगों को पार्क के नाम पर मुंह चिढ़ा रहा है। नगर परिषद इसके जीर्णोद्धार का दावा करता है, पर पार्क की स्थिति पर लोग सवाल उठाते है कि आखिर इस स्थान पर पार्क का निर्माण क्यों किया गया। जहां पर्याप्त जगह भी नहीं है।

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