भास्कर न्यूज | चंदनकियारी प्रखंड के फतुडीह में 12 वर्ष के अंतराल में आयोजित भगवान सूर्यनारायण की पूजा पारंपारिक तरीके से रविवार को उदीयमान भास्कर को अर्घ्य देकर संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज के हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मंडप में मत्था टेका व प्रसाद ग्रहण किया। अनुष्ठान को फतुडीह, लुटुटांड़, ईजरीपार, कांचनपुर, मानपुर व सीतानाला के वत्स गोत्रधारी बगोछिया ब्राहमण परिवार की ओर से आयोजित किया गया। शुक्रवार को विधि-विधान के साथ नहाय खाय के साथ संजोत कर महापर्व की शुरूआत की गई। शनिवार को मंडप में आचार्य महादेव पांडेय ने कलश स्थापना, वेदी स्थापना समेत अन्य वैदिक अनुष्ठान किया। इसी दिन शाम को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को मुख्य व्रती अजित माहथा व पत्नी लतु देवी समेत सैकड़ों व्रतियों ने फतुडीह के चिह्नित पवित्र बड़ाबांध में प्रथम अर्घ्य अर्पित किया। परंपरा के अनुसार शनिवार रात को आचार्य ने विधि विधान के साथ कलश पूजन कर देवताओं का आह्वान पूजन किया। इस अवसर कुल की परंपरा के अनुसार भगवान सूर्यदेव की विशेष पूजा अर्चना की गई। रात को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम रास नृत्य का आयोजन किया गया। 250 बकरों की बली के साथ तीन दिवसीय अनुष्ठान का समापन किया गया। रविवार को देर शाम तक महाप्रसाद ग्रहण किया गया। आयोजन में चास, चंदनकियारी, बोकारो, धनबाद, गिरीडीह, देवघर के लोग शामिल हुए।


