हाथियों को गांव तक ला रही धान की खुशबू, 13 के झुंड का सोनगुढ़ा में ​डेरा

भास्कर न्यूज | जांजगीर सक्ती जिले के कोरबा से लगे सोनगुढ़ा क्षेत्र में हाथियों ने डेरा जमा लिया है। धान की पकी फसल के लालच में 13 हाथियों के झुंड खेतों तक पहुंच रहे हैं और पिछले 10 दिनों से कई गांवों की फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब संकेत मिल रहे हैं कि हाथियों ने अपना दायरा और बढ़ा लिया है। धान पकने का मौसम इस वर्ष किसानों के लिए उम्मीदों के साथ-साथ बड़ी चिंता भी लेकर आया है। पकी फसल की सुगंध और भोजन की तलाश में जंगली हाथियों के झुंड कोरबा से गांवों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले तीन वर्षों में जांजगीर और सक्ती जिलों में हाथियों के पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इस बार सक्ती जिले में पहुंचे हाथियों का मूवमेंट 30 नवंबर की शाम तक बासीनपाट और सोनगुढ़ा क्षेत्रों में देखा गया, लेकिन रात होते ही वे दिशा बदल लेते हैं। इस दल में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। ^हाथियों को वापस जंगल की ओर भेजने प्रयास जारी है। वे पिछले कुछ दिनों से सोनगुढ़ा क्षेत्र के आसपास हैं। हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। – जितेंद्र कंवर, रेंजर, सक्ती सुबह जंगल में, रात को गांव-खेत में उत्पात बासीनपाट और सोनगुढ़ा सहित 10 गांवों में किसानों की धान की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सप्ताह से हाथियों का लगातार आना-जाना जारी है। दिन में वे जंगल में रहते हैं, जबकि रात में गांव और खेतों में घुसकर फसल रौंद देते हैं। कई खेतों में फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जबकि कुछ में आंशिक क्षति हुई है। स्थिति को संभालने के लिए वन विभाग के कर्मचारी तैनात हैं। जंगल भेजने का प्रयास जारी ये गांव हैं हाथी से प्रभावित रैनखोल, सलिहाभाठा, बासीनपाठ, गुंजी, खरीपारा, बरपाली, जोबा, घुईचुवां, नवागांव और जामचुवां के किसानों को हाथियों के दल ने परेशान किया है। जांजगीर-सक्ती में पहले भी पहुंचते रहे हैं हाथी केस-01 (2023): 17 हाथियों का झुंड सक्ती से जांजगीर-चांपा पहुंचा था। इस दौरान दो लोगों की जान गई और हाथियों ने घरों व फसलों को नुकसान पहुंचाया। केस-02 (2024): कोरबा से एक दंतैल हाथी बलौदा के छाता जंगल में पहुंचा और दीपका क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जुलाई 2025: सालियाभाठा में हाथियों के दल ने घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।

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