भारत- दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट मैच देखने के लिए जेएससीए स्टेडियम पहुंचे वाहन सवारों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली हुई। पुलिसकर्मियों के सामने ही नगर निगम की पर्ची थमाकर निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे लिए गए, लेकिन किसी ने नहीं रोका। बाइक सवार से 100 रुपए की वसूली पार्किंग चार्ज के नाम पर की गई। बाकायदा इसकी पर्ची भी दी गई। वहीं कार वालों से 300 रुपए तक वसूले गए। इसके अलावा बाइक सवारों को हेलमेट रखने की व्यवस्था भी खुद करनी पड़ी। ज्यादातर बाइक सवारों ने आसपास की दुकानों में अतिरिक्त शुल्क देकर किसी तरह हेलमेट रखा। दैनिक भास्कर ने अवैध वसूली के इस खेल का स्टिंग करते हुए तुरंत पूरी घटना की जानकारी एसएसपी राकेश रंजन व ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह को दी। हालांकि इसके बाद भी अवैध वसूली करने वालों को नहीं रोका गया। ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम की पार्किंग बताकर यह कहते हुए पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया कि अगर कोई पार्किंग के नाम पर ज्यादा पैसा ले रहा है तो इसके लिए नगर निगम जिम्मेवार है। वहीं एचईसी ने कहा कि पार्किंग का जिम्मा नगर निगम को दिया गया है। इसके लिए एचईसी ने निगम को चिह्नित कर पार्किंग के लिए मैदान उपलब्ध करा दिए हैं। एचईसी प्रबंधन ने यह भी बताया कि पार्किंग शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। कार के लिए 30 रुपए, जबकि बाइक के लिए 15 रुपए तय किया गया है।
ऐसे समझें अवैध वसूली का गणित… मैच देखने आए लोगों का कहना था कि यहां लगभग 18000 वाहन आसपास की पार्किंग में लगे हैं। कारों की संख्या ही 3000 से ऊपर है। बाइक भी 15000 हजार से कम नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने भी कहा कि पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध रूप से मनमाना वसूली की गई है। यदि कार वालों से 300 और बाइक वालों से 100 रुपए की वसूली हुई है। ऐसे में 20 लाख रु. से अधिक अवैध तरीके से वसूले गए। तय पार्किंग शुल्क से कितनी कमाई : दोपहिया : 15000 x 15 = 2.25 लाख रु. चार पहिया : 3000 x 30 = 90 हजार रु. पार्किंग से कुल वैध कमाई : 3.15 लाख रु. (नोट: एचईसी ने 15 रु. प्रति बाइक व 30 रुपए कार का तय किया था पार्किंग शुल्क) आसपास रहने वालों की चांदी, घर के सामने 100 रुपए में पार्क कराई कार स्टेडियम के आसपास रहने वाले लोगों की भी चांदी रही। सभी अपने-अपने घर के बाहर सड़क किनारे खाली जगह को ही पार्किंग बना दिया। कार पार्क कराने के लिए 100 रुपए, बाइक के लिए 50 रुपए लिए गए। काफी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों ने इन जगहों पर भी गाड़ी पार्क की। संत थॉमस स्कूल के पास मैदान में ठेकेदार का कर्मी बोला…कार पार्क करने के 300 रु. लगेंगे, यही रेट है प्रभात तारा मैदान: बाइक के लिए 100 रु. लिया शुल्क बिना टिकट स्टेडियम में घुसे 30 से ज्यादा युवक, पुलिस ने निकाला रिपोर्टर : भाई कार पार्क करनी है? कर्मी : हां, साइड में लगा दीजिए। रिपोर्टर : कितना पैसा देना होगा? कर्मी : 300 रुपए रिपोर्टर : इतना ज्यादा क्यों? कर्मी : हमें इतना ही लेने के लिए बोला गया है। रिपोर्टर : यह तो बहुत ज्यादा है, थोड़ा कम कीजिए? कर्मी : नहीं होगा, पार्क करना है तो कीजिए। रिपोर्टर : हमें पर्ची नहीं चाहिए, हम 150 रुपए तुम्हें दे देंगे, गाड़ी लगाने दो। कर्मी : ऐसा नहीं होता है, 300 ही देना होगा। रिपोर्टर : भाई, हमलोग क्रिकेट देखने आए हैं, इतना ज्यादा पैसा नहीं है। कर्मी : पैसा नहीं है तो हम कुछ नहीं कर सकते। यही रेट है। {एचईसी ने नगर निगम को दिया था ठेका, रजिस्टर्ड वेंडर से करानी थी पार्किंग व्यवस्था भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच देखने के लिए 30 से ज्यादा युवक बगैर टिकट स्टेडियम में घुस गए। हालांकि विंग तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें फटकार लगाकर दोबारा ऐसा करने पर विधि सम्मत कार्रवाई की हिदायत देते हुए बाहर भेज दिया गया। रिपोर्टर : बाइक लगानी है? कर्मी : हां, लगा दीजिए। रिपोर्टर : कितना पैसा देना होगा? कर्मी : 100 रुपए रिपोर्टर : बाइक का इतना ज्यादा क्यों? कर्मी : यही रेट है। रिपोर्टर : भाई, मैच देखने आए हैं तो गाड़ी तो पार्क करना है ही, थोड़ा कम कर दीजिए। कर्मी : नहीं होगा, बाइक लगानी है तो लगाइए, नहीं तो जाइए। रिपोर्टर : 100 रुपए देंगे तो हेलमेट भी रखिएगा? कर्मी : नहीं, हेलमेट की जिम्मेवारी आपकी होगी। रिपोर्टर : ठीक है, बाइक लगवा दीजिए। कर्मी: निगम की पर्ची में गाड़ी का नंबर नोट कर पर्ची थमाते हुए 100 रु. ले लिए।


