एजुकेशन रिपोर्टर| रांची स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश के आलोक में बोर्ड परीक्षाओं में परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षा 2026 की परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों पर असर अब दिखने लगा है। झारखंड के हजारों छात्र केवल इस एक दस्तावेजी शर्त की वजह से परीक्षा से वंचित होने की कगार पर पहुंच गए हैं। आधार- प्रमाणपत्र मिसमैच, पेन जनरेशन में असफलता से वैसे छात्र परेशान हैं, जिनके आधार में किसी प्रकार की छोटी-मोटी भी त्रुटि है। परीक्षा फॉर्म जमा करने के लिए अब मैट्रिक और इंटर के परीक्षार्थियों के पास सिर्फ 5 दिन का समय है। ऐसे में आधार टूटने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक चिंतित और परेशान हैं। पेन अनिवार्य- आपार ऑप्शनल झारखंड अधिविध परिषद (जैक), रांची और राज्य सरकार की संयुक्त व्यवस्था के तहत वर्ष 2026 की मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए पेन अनिवार्य कर दिया गया है। एपीएआर आईडी को ऑप्शनल रखा गया है। लेकिन यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों पर भारी पड़ रहा है, क्योंकि हजारों छात्रों का पेन अभी भी जनरेट नहीं हो पाया है। इसलिए नहीं बन पा रहा हजारों छात्रों का पेन 1. आधार-प्रमाणपत्र में डेटा मिसमैच : छात्र का नाम अलग, पिता के नाम में स्पेलिंग एरर या जन्मतिथि में अंतर। ये त्रुटियां पेन जनरेशन को तुरंत रिजेक्ट कर देती हैं। 2. आधार अपडेट न होने की समस्या : कई छात्रों का आधार पुराना है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अपडेट करने के लिए सेंटर नहीं। माता-पिता को प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं। आर्थिक तंगी के कारण दस्तावेज में सुधार नहीं करा पा रहे। 3. पेन सर्वर में तकनीकी बाधा : बीते कुछ दिनों से पैन सर्वर पर स्लो रिस्पांस, एरर मैसेज आ रहा है। जनरेटेड पेन नहीं दिख रहा है। 4. ड्रॉप बॉक्स समस्या : कुछ छात्रों का पेन बन चुका है, लेकिन स्कूलों को ड्रॉप बॉक्स में नाम नहीं मिल रहा। डेटा मिसमैच होने पर आवेदन को रोका जा रहा है। वित्त रहित शिक्षा संघर्ष मोर्चा ने दिया अल्टीमेटम वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के रघुनाथ सिंह, कुंदन कुमार सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, अरविंद सिंह, चंदेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, गणेश महतो और नरोत्तम सिंह समेत अन्य ने कहा है कि पेन अनिवार्यता का सीधा नकारात्मक असर हजारों छात्रों पर पड़ रहा है। यह फैसला तत्काल वापस लिया जाए और इस वर्ष पेन को ऑप्शनल किया जाए। वापस नहीं लेने की स्थिति में मोर्चा सड़क पर उतर कर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तारीख पांच दिसंबर नजदीक है। मैट्रिक व इंटर के छात्रों को फार्म जमा करने के लिए स्कूल-कॉलेजों में लंबी कतारें में खड़े रहना पड़ रहा हैं। अभिभावक चिंतित और छात्र छात्र घबराए हुए है।


