बेटियों ने कहा- सरकारी नौकरी वाला जरूरी नहीं, आत्मनिर्भर और नशामुक्त होना चाहिए जीवनसाथी

कम्युनिटी रिपोर्टर | भिलाई समाज में बेटियों की शादी के लिए सरकारी नौकरीपेशा युवकों को प्राथमिकता की धारणा बन चुकी है। लेकिन बेटियां अब सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं बल्कि स्वरोजगार अपनाने वाले व्यवसायी और आत्मनिर्भर युवकों को भी जीवनसाथी स्वीकार करने सहमति दे रही हैं। इसका उदाहरण रविवार को सतनामी समाज के प्रदेश स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में देखने को मिला। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 450 युवाओं ने परिचय दिया। इनमें युवतियों की संख्या सबसे ज्यादा करीब 350 रही। बेटियों ने इस बार भी मंच पर परिचय देते हुए ​बेबाकी से अपनी बात रखी। कहा कि जीवनसाथी सरकारी नौकरी वाला ही होना जरूरी नहीं है। उनका वर आत्मनिर्भर होना चाहिए, चाहे वह प्राइवेट जॉब कर रहा हो या फिर व्यवसाय। केवल नशा न करता हो और दोनों परिवारों को लेकर चल सके। बेटियों की इस सोच का समाज के लोगों ने भी स्वागत किया। गुरु घासीदास सेवा समिति, सेक्टर–6 भिलाई के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय सतनामी समाज युवक–युवती परिचय सम्मेलन और आदर्श विवाह समारोह हुआ। इसमें प्रदेशभर से युवा अपने परिजनों के साथ शामिल हुए। इस दौरान समाज ने फिजूलखर्ची रोकने का संदेश देते हुए दो जोड़ों का सरल विवाह भी कराया। समारोह की शुरुआत गुरु घासीदास बाबा की पूजा से की गई। मुख्य अतिथि विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि सतनाम भवन मेरा राजनीतिक जन्मस्थल है, जहां से मैं आगे बढ़ा। मनखे- मनखे एक समान के बाबा घासीदास के संदेश को सिरोधार्य कर आप सभी ने मुझे यहां अवसर देकर सम्मानित किया है। मैं समाज का सदैव ऋणी रहूंगा। समारोह में समाज उत्थान में योगदान देने वाले विशिष्टजनों का सम्मान किया गया। आदर्श विवाह राजमहंत जवाहर कौशल के सानिध्य में कराया गया। नवविवाहितों को समिति ने उपहार दिए। संचालन एनआर गिलहरे, दिवाकर गायकवाड़ टेकराम बंजारे, शंभु डहरिया, योगेश चतुर्वेदी ने किया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राजेन्द्र महिलांग ने दी। बेटियां घर के साथ देश के प्रति भी जिम्मेदारी निभाएं: आकांक्षा सत्यवंशी समारोह में ​विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी का समाज ने विशेष रूप से सम्मान किया। आकांक्षा ने कहा कि विश्व पटल पर समाज को गौरवान्वित करने का मुझे अवसर मिला, जिसके लिए मैं समाज का आभारी रहूंगी। मैं अपेक्षा करती हूं कि समाज के हर परिवार में लड़कियों को आगे आकर जिम्मेदारियां का निर्वहन करना चाहिए। चाहे वह घर की हो या फिर देश की। समिति के अध्यक्ष बीएल कुर्रे ने स्वागत उद्बोधन दिया और सभी अतिथियों का सम्मान किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व संभागायुक्त भारत लाल बंजारे, पूर्व मुख्य वन संरक्षक एल रात्रे, केके खेलवार और समाज के वरिष्ठों ने भी विचार रखे।

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