भास्कर न्यूज | तुस्मा ग्राम तुस्मा स्थित शबरी डेरा में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है। दूसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज़ गांवों से लोग भागवत रसपान कर आध्यात्मिक आनंद और पुण्य-लाभ अर्जित कर रहे हैं। शांत वातावरण, भक्ति-भाव और कथा-वाचन की प्रभावपूर्ण शैली ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। दूसरे दिन की कथा में मुख्य रूप से पांच पांडवों से जुड़े प्रसंगों का विस्तृत वर्णन हुआ। कथा-वाचक आचार्य पंडित रामचंद्र पांडेय ने पांडवों के आदर्श, धर्मनिष्ठा और सत्यनिष्ठ जीवन को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। द्रौपदी चीरहरण, वनवास और कौरवों के अत्याचार जैसे प्रसंगों का वर्णन सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे और जय-जयकार से वातावरण गुंजायमान हो गया। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जहां पुष्प-मालाओं, पवित्र प्रतिमाओं और भक्ति-संगीत से दिव्य वातावरण बना हुआ है। स्थानीय समिति और युवाओं ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। आचार्य पांडेय ने कथा के दौरान सामाजिक और धार्मिक संदेश देते हुए कहा कि भागवत कथा जीवन को दिशा देने वाला प्रकाश-स्तंभ है। पांडवों की कथा सिखाती है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सत्य, धैर्य और दृढ़ संकल्प का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। कथा के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा और रासलीला जैसे विशेष प्रसंगों का कथावाचन होगा, जिनमें और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।


