भास्कर न्यूज| रायगड़ा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में ईस्टर्न ज़ोनल कल्चरल सेंटर कोलकाता के अमृत काल सांस्कृतिक कॉन्क्लेव के तहत दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। यह महोत्सव 28 और 29 नवंबर को हुआ। इसमें विविध पारंपरिक कला और नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ किए गए अमृत काल सांस्कृतिक पहल के अनुरूप यह कार्यक्रम विकसित भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने का प्रयास है। इस पहल के माध्यम से भारत तथा ओडिशा की पारंपरिक नृत्य और संगीत शैलियों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया गया। रायगढ़ा जिले के स्थानीय कलाकार समूहों ने विभिन्न लोक एवं जनजातीय नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों से क्षेत्र की सांस्कृतिक गरिमा को प्रदर्शित किया। जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव के प्रथम दिवस में धेमसा नृत्य, लांजिया साओरा नृत्य, चैती उत्सव नृत्य, आदिवासी धेमसा, संबलपुरी नृत्य तथा राधा प्रेमलीला जैसी प्रस्तुतियां शामिल थीं। द्वितीय दिवस में डोंगरिया कंधा नृत्य, ढंगरा-ढंगिड़ी, कुई जनजातीय नृत्य, संबलपुरी नृत्य, जीसीडी हाई स्कूल के छात्रों द्वारा जनजातीय नृत्य और रायगडा के कलाकार समूहों द्वारा प्रस्तुत प्राचीन प्रह्लाद नाटक प्रमुख आकर्षण रहे। इस मौके पर सुष्मिता बाउरी, जिला संस्कृति अधिकारी, ईज़ेडसीसी, कोलकाता के वरिष्ठ अधिकारी कृष्ण सूरज, बिदिशा सतपती सहित अन्य मौजूद थे।


