धार जिले के खलघाट टोल प्लाजा पर सोमवार को बड़वानी सहित पांच जिलों के किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन पर उतर गए। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कर्ज मुक्ति समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। खलघाट में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, वहीं सभी मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी और निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने टोल प्लाजा एनएच 52 के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किए हैं। बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि जिले के सभी मुख्य मार्गों और टोल नाकों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों ने भोपाल कृषि मंत्री से मुलाकात की थी इससे पहले, शनिवार को सरकार ने किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था। धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिले के प्रतिनिधियों ने भोपाल में कृषि मंत्री कंसाना से मुलाकात की थी। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही, क्योंकि किसान प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अड़े रहे। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बड़वानी जिला अध्यक्ष मदन मुलेवा ने बताया कि कृषि मंत्री कंसाना ने किसानों से आंदोलन न करने का आग्रह किया था। उन्होंने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए मांगों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचाने की बात कही थी। मंत्री ने मुख्यमंत्री के घर में शादी का हवाला देते हुए आंदोलन स्थगित करने का अनुरोध भी किया था, लेकिन किसानों ने इसे इनकार कर आंदोलन का फैसला किया। इस प्रदर्शन में बड़वानी सहित निमाड़ क्षेत्र के चार जिलों के किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे हैं। किसान पूरी तैयारी के साथ आए हैं; वे अपने साथ कंबल, दो जोड़ी कपड़े, आटा, दाल, लकड़ी और कंडे लेकर आए हैं। किसानों का कहना है कि यह आंदोलन लंबा चल सकता है।


