नौसेना अफसर की पत्नी की मौत मामले में बड़ा एक्शन:इटावा में GRP इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, सीमा विवाद में साढ़े 4 घंटे पड़ा रहा था शव

इटावा में नौसेना अफसर की पत्नी की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। जीआरपी क्षेत्राधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी रेलवे अनिल कुमार झा ने जीआरपी प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। जांच में पाया गया कि सूचना तंत्र में भारी चूक हुई। पुलिस टीम घटनास्थल पर समय पर कार्रवाई नहीं कर सकी। सीमा विवाद के कारण साढ़े 4 घंटे तक आरती का शव पड़ा रहा। मॉर्च्युरी तक नहीं भेजा गया। न पंचनामा हुआ और न ही मौके की प्राथमिक जांच। इसके बाद जीआरपी ने शुरुआती चरण में इसे सुसाइड या हादसा बताकर नजरअंदाज कर दिया। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पूरे मामले में जीआरपी ने जांच में घोर लापरवाही बरती। पहले पढ़िए जांच रिपोर्ट में क्या मिला… परिजनों का आरोप- टीटीई ने धक्का देकर ट्रेन से गिराया
मामला तब गंभीर मोड़ पर पहुंचा, जब मृतका के परिजनों ने टीटीई संतोष कुमार पर हत्या के आरोप लगा दिए। परिजनों के मुताबिक, टिकट विवाद के दौरान टीटीई ने पहले आरती का बैग नीचे फेंका और फिर उसे धक्का देकर ट्रेन से गिरा दिया। घटनास्थल पर महिला का बैग और मोबाइल नहीं मिला, जिससे परिवार के आरोपों को और मजबूती मिली। इसी आधार पर टीटीई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। सूचना कई घंटे देर से पहुंची: CO GRP
राजकीय रेलवे पुलिस के क्षेत्राधिकारी उदय प्रताप सिंह ने स्वीकार किया कि घटना की सूचना उन्हें कई घंटे बाद मिली। उन्होंने रिपोर्ट में माना कि सूचना तंत्र पूरी तरह विफल रहा। समय पर सूचना मिलती तो जांच प्रभावी हो सकती थी। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई, जिसके बाद कार्रवाई तय हुई। इंस्पेक्टर दिनेश प्रताप शर्मा लाइन हाजिर, नए प्रभारी इंस्पेक्टर नियुक्त
रिपोर्ट में दर्ज खामियों और लापरवाही को गंभीर मानते हुए एसपी रेलवे ने इंस्पेक्टर दिनेश प्रताप शर्मा को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह प्रशांत कुमार को नए जीआरपी प्रभारी निरीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। हादसे के दिन की 3 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा घटनाक्रम… ——————————- ये खबर भी पढ़िए… मेरठ में सुहागरात पर दूल्हा लापता, CCTV में दिखाई दिया:दुल्हन करती रही इंतजार; पत्नी की डिमांड पूरी करने रात 12 बजे गया था बाजार बहू को विदा कराकर हम घर लाए। रात में मेरा बेटा मोहसिन और बहू कमरे में सोने चले गए। कमरे के अंदर बहू ने दूध का ग्लास बेटे को दिया। फिर बहू बोली कि कमरे में रोशनी बहुत ज्यादा है। कोई छोटा बल्ब बाजार से लाकर लगा दो। बेटा रात 12 बजे घर से बल्ब लेने निकला था। फिर नहीं लौटा। दूसरे दिन दो बहनों का निकाह था। वह बिना भाई के विदा हुईं। ये कहना है मेरठ की रहने वाली फरीदा का। फरीदा का बेटा मोहसिन सुहागरात वाले दिन (27 नवंबर) से लापता है। पूरी रात दूल्हन इंतजार करती रही। मगर दूल्हा मोहसिन घर नहीं लौटा। पढ़िए पूरी खबर…

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