अजमेर जिले के पीसांगन क्षेत्र में विगत 10 दिनों से हिमालियन ग्रिफॉन वल्चर प्रजाति का एक गिद्ध इधर-उधर भटक रहा था। वन विभाग की ओर से गठित टीम ने इसका रेस्क्यू कर लिया। जानकारी के अनुसार पीसांगन निवासी मनोज और सुरेंद्र कुमार सैन ने वन विभाग जयपुर की टीम से संपर्क कर कस्बे में गिद्ध के घूमने को लेकर अवगत कराया। अजमेर के उपवन संरक्षक बाला मुरगन ने गिद्ध के रेस्क्यू के लिए टीम गठित की। इसमें पुष्कर रेंज से मानसिंह राठौड़, कोबरा टीम से सुखदेव भट्ट आदि को शामिल किया। इस टीम ने पीसांगन क्षेत्र के वन मित्र हर्षित जागृत, मनीष कुमावत, क्षेत्रवासी आसिफ खान, निर्मल जागृत, राजेंद्र सेन के सहयोग से गिद्ध का रेस्क्यू कर लिया। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि यह गिद्ध संभवतः हिमालय से सफर करते हुए अजमेर जिले की पुष्कर रेंज के पीसांगन में पहुंच गया। पंख काफी बड़े और पूंछ छोटी होती इस गिद्ध के पंख काफी बड़े होते हैं और पूंछ छोटी होती है। गर्दन सफेद पीले रंग की होती है। उड़ते हुए इसका कुछ हिस्सा खाकी व उड़ने वाले पंखों का आखिरी छोर काले रंग का दिखता है। इसका ज्यादातर शरीर हल्के पीले-सफेद रंग का होता है। ये हिमालय में 1200 से 5000 मीटर तक की ऊंचाई पर देखे जा सकते हैं। इसमें नर और मादा एक जैसे दिखते हैं। ये गिद्ध दिन के समय सक्रिय होते हैं। इस दौरान ये आसमान मे काफी ऊंचाई पर उड़ते हुए मरे हुए जानवर को देख कर एक समूह में उसे खाने के लिए आते हैं। ये मरे हुए पशु को खाते हैं कभी भी खुद शिकार नहीं करते।


