उदयपुर में आज ‘जल संचय, जन भागीदारी’ जन जागरूकता थीम वाले जल शक्ति के कैच द रैन अभियान को लेकर एक बैठक शुरू हुई। बैठक में इस अभियान को लेकर चर्चा की जा रही है। बैठक में केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्र सिंह एवं तकनीकी अधिकारी राम टीके नितिन शामिल हुए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और बढ़ती जल चुनौतियों के मद्देनजर जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के महत्व पर जोर देते हुए इस अभियान की गति पर उदयपुर जिले की जानकारी ली। जिला परिषद सभागार में ले रहे समीक्षा बैठक में जल शक्ति अभियान के तहत हुए कार्यों की जानकारी लेते हुए केंद्र सरकार की इस अभियान के पीछे की मंशा से अवगत कराया। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अभियान का मूल उद्देश्य जंगलों, नदियों और झरनों के बीच पारिस्थितिक संबंधों को बहाल करना है। इसके तहत तेजी से परिणाम आए इस तरह के कार्य जमीनी स्तर पर हो। इस तरह के परिणाम के लिए सामुदायिक भागीदारी महत्वपूर्ण है, और प्रत्येक नागरिक के योगदान से ही वास्तविक अर्थ में जल सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है और इसके लिए गांव-गांव में अवेयरनेस जरूरी है। बैठक में जोर दिया गया कि जागरूकता के जरिए ही प्रत्येक गांव के पानी को उसी गांव के भीतर रिचार्ज करने की जो सोच है उस पर सही काम हो पाएगा। बैठक में उदयपुर जिला परिषद सीईओ रिया डाबी, अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण अतुल जैन, उप वन संरक्षक मुकेश सैनी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल है। ये केंद्रीय नोडल अधिकारी उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर कार्यों को भी देखेंगे।


