तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण ने आज महाप्रज्ञ भवन, कांकरोली से राजनगर स्थित भिक्षु बोधिस्थल की ओर मंगल प्रवेश किया। पूरे मार्ग में दोनों ओर श्रावक श्राविकाओं की कतारें लगी रहीं, जो आचार्य की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखे। आचार्य के मार्ग से गुजरते समय “घणी घणी खम्मा” और “आचार्य महाप्रज्ञ की जय” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। व्यसन मुक्ति अभियान मंगल प्रवेश से पूर्व आचार्य महाश्रमण गांधी सेवा सदन में आयोजित व्यसन मुक्ति अणुव्रत बाल सम्मेलन में पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों को जीवन में कभी भी व्यसन न करने का सामूहिक संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में डॉ. महेन्द्र कर्णावट ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्था द्वारा चलाए गए व्यसन मुक्ति अभियान की जानकारी साझा की। इसी दौरान संकल्प पत्र आचार्य को समर्पित किए गए व बाल अभिव्यक्तियां भी प्रस्तुत की गईं। आचार्य ने मंगल पाठ का वाचन मंगल कामना की। सम्मेलन में 1300 से अधिक स्कूली बच्चों ने भाग लिया। गांधी सेवा सदन से आगे की यात्रा किशोर नगर से होती हुई भिक्षु बोधिस्थल व भिक्षु निलियम पहुंची। नगरवासियों ने पूरे मार्ग अभूतपूर्व स्वागत किया। 14 वर्ष बाद हुए इस आगमन पर तेरापंथ जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरात व महाराष्ट्र से राजसमंद पहुंचे और आचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया।


