उदयपुर के एमबी अस्पताल में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों ने सोमवार को आंशिक रूप से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल की चेतावनी दी। मॉर्निंग शिफ्ट में काम करने वाले 300 से ज्यादा कर्मचारियों ने नारेबाजी कर आक्रोश जताया। ठेका संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि समय से पीएफ और ईएसआई अकाउंट में भी पेमेंट नहीं डलवाया जा रहा। कर्मचारियों ने अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन देकर मांगों पर ध्यान देने की बात कही तो अस्पताल अधीक्षक डॉ आरएल सुमन ने भी 2 दिनों में इस पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। ठेका संघर्ष समिति के संयोजक राजेश चौहान ने बताया कि लंबे वक्त से सैलरी टाइम से नहीं मिलने की प्रॉब्लम आ रही है मगर बार-बार कहने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही नहीं 2 साल से सैलरी भी नहीं बढ़ी है। समिति के संयोजक दिनेश गुस्सर ने बताया कि एमबी अस्पताल की अलग-अलग विंग में करीब 1000 से ज्यादा कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। इसमें 250 से ज्यादा महिलाएं भी शामिल है। सरकार द्वारा मापदंडों के अनुसार सभी टीका कर्मचारी काम कर रहे हैं मगर फिर भी नर्सिंग कर्मचारी अपने स्तर पर ही मनमानी कर रहे हैं और कर्मचारियों को काम को लेकर डिस्टर्ब करते है। जबकि ठीक है कर्मचारियों के काम का जिम्मा पहले से सुपरवाइजर संभाल रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार को सिर्फ उन्होंने सांकेतिक ग्रुप में कुछ देर कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। दो दिनों के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई निर्णय नहीं लेने की सूरत में एमबी अस्पताल के सभी ठेका कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।


