चूरू के रतनगढ़ में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने गीता जयंती को शौर्य दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण और गीता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यह कार्यक्रम विहिप के जिलाध्यक्ष सुभाष पारीक, प्रांत धर्म प्रसार टोली सदस्य नरेंद्र भाटी, कोषाध्यक्ष प्रेमप्रकाश तूनवाल और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महर्षि के सानिध्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर छोटे बच्चों ने गीता के अध्यायों का धारा प्रवाह गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विहिप जिलाध्यक्ष सुभाष पारीक ने बताया कि हजारों वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र की युद्ध भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को निष्काम कर्म का उपदेश दिया था, जो गीता ग्रंथ के रूप में आज ही के दिन प्रकट हुआ। उन्होंने कहा कि विहिप और बजरंग दल के कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को ढहाकर धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया, इसलिए परिषद गीता जयंती को शौर्य दिवस के रूप में मनाती है। प्रांत धर्म प्रसार टोली सदस्य नरेंद्र भाटी ने ‘हर घर गीता’ का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गीता के व्यावहारिक ज्ञान को जीवन में उतारकर समाज को सशक्त, सुदृढ़ और समर्थ बनाया जा सकता है। प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महर्षि ने गीता के अनुसार शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञान की आवश्यकता पर जोर दिया। बजरंग दल संयोजक मुरली प्रजापत ने छात्र-छात्राओं और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर हरिराम कड़ेल, जगदेव सांखोलिया, राजेंद्र प्रसाद चांदगोठिया, अजय गार्गी, रामचंद्र पारीक, यशोदा शर्मा, जगदीश सिंह, महेंद्र गार्ड, बाबूलाल सांखोलिया, प्रेमलता अग्रवाल, उज्ज्वल महर्षि और जिला मंत्री अरविंद मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रामदेव चंदनिया और ओम मनोहर स्वामी ने किया।


