झालावाड़ के पीजी कॉलेज में ‘नई किरण नशा मुक्ति केंद्र’ के देखरेख में एक दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार मुख्य मेहमान रहे, जबकि राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्रिंसिपल प्रोफेसर चारुलता तिवारी विशिष्ट मेहमान थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल प्रोफेसर रामकल्याण मीना ने की। एसपी अमित कुमार के महाविद्यालय परिसर में आगमन पर एनसीसी अधिकारी कमलेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एनसीसी इकाई ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और मार्च पास्ट किया। अपने संबोधन में एसपी ने कहा कि युवा राष्ट्र की पूंजी हैं और उन्हें सहेज कर रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान में युवा शराब, ड्रग्स, अफीम, गांजा, भांग, चरस और हेरोइन जैसे गंभीर नशों की चपेट में आ रहे हैं। एसपी ने नशीले पदार्थों के साथ-साथ डिजिटल नशे को भी एक भयानक बीमारी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को आगाह किया कि डिजिटल उपकरण मनुष्य जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं, लेकिन इनका उपयोग आवश्यकतानुसार ही करना चाहिए। यह एक ऐसा नशा है जिससे एक बार ग्रस्त होने पर दूर रहना मुश्किल हो जाता है। मुख्य मेहमान अमित कुमार ने विद्यार्थियों, महाविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को नशा मुक्त भारत अभियान में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट मेहमान प्रोफेसर चारुलता तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा नाश की जड़ है। उन्होंने सभी से किसी भी प्रकार के नशे के सेवन से बचने का आग्रह किया। अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल प्रोफेसर रामकल्याण मीणा ने नशे से बचने के उपाय बताते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने आसपास के पर्यावरण को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। मुख्य अतिथियों के द्वारा महाविद्यालय के नशा मुक्ति केंद्र के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले विद्यार्थियों को नशा मुक्ति सखा एवं सखी के रूप में पुरस्कृत करते हुए नशा मुक्ति किट प्रदान किए, संचालन करते हुए नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के संयोजक डॉ. राम किशन माली ने सत्र पर्यंत आयोजित की जाने वाली नशा मुक्ति गतिविधियों एवं जन जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट मंच के माध्यम से साझा करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


