राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सोमवार को अलवर आए। यहां एक निजी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में उनके क्षेत्र में अवैध पुलिसिंग चलने और उनके बेटे पर भी आरोप लगने के सवाल पर कहा कि यह सब झूठ है। कुछ लाेग राजनीतिक षडंयत रचने के लिए ऐसा कर सकते हैं। गोविंदगढ़ हो या कहीं दूसरी जगह। हमारी पुलिस पुलिस सख्ती से काम करने में लगी है। कोई भी व्यक्ति गलत काम करेगा तो उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि अंता उप चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा सो नहीं पा रहे। बेड पर उछलते हैं। जबकि पूरे देश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया और आगे राजस्थान में 10 की गिनती पूरी नहीं कर सकेंगे। प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने और मंत्रिमंडल में बदलाव पर भी जवाब दिया। यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए। अलवर में अपराध बढ़ा है। गैंगवार हो रही हैं और लूट मची है? राजस्थान पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश हैं। मुख्यमंत्री ने भी अफसरों को यही बोल रखा है। वैसे आंकड़ों पर जाएंगे तो पिछली सरकार की तुलना में अपराध कम हुआ है। अलवर बॉर्डर का एरिया है। फिर भी अलवर में पहले के मुकाबले अपराध कम हुआ है। यहां ज्वैलर को दिनदहाड़े लूट ले गए। पास में बानसूर में गैंगवार हो रहा है? अपराधियों को खौफ नहीं है? यहां जैसे ही ज्वैलर से लूट हुई। उन अपराधियों को पकड़ लिया। पहले तो अपराध करने के बाद भी अपराधी खुले में घूमते थे। पुलिस भी पहले राजनीतिक दबाव में काम करते थी। लेकिन अब अपराधी बख्शे नहीं जाते हैं। कांग्रेसी नेता बार-बार कहते हैं कि पर्ची की सरकार फेल साबित हो गई है। अब मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाए कितनी सही हैं? देखिए, विपक्ष का काम है आरोप लगाना। पिछली सरकार में 40 पर्सेंट घोषणाएं तो पूरी नहीं कर सकी थी। भजनलाल शर्मा पहले सीएम हैं जिनकी 90 पर्सेंट घोषणा धरातल पर लागू होती हैं। बिहार में चुनाव हार के बाद गठनबंधन के नेता सिर छुपा कर घूम रहे हैं। जूली व डोटासरा में आपसी प्रतिसद्रदर्धा है। वे गलत तथ्य पेश करते घूम रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार करने का निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर का है। पंचायत राज चुनाव में कराने में देरी पर देरी हो रही है ऐसा क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय पर पंचायत राज व निकाय चुनाव से पहले ओबीसी का सर्वे कराया गया है। ताकि ओबीसी काे पूरा हक मिले। कांग्रेस ओबीसी विरोधी है। हम ओबीसी का अध्ययन कराने में लगे हैं। पूरी रिपोर्ट आने के बाद आगे का काम हो सकेगा। चुनाव जल्दी कराने से ओबीसी का रिजर्वेशन प्रभावित होने का डर है। आप पर आरोप है कि एसआईआर के जरिए कांग्रेस का वोट काटने में लगे हैं? कांग्रेस ने तो पहले परिसीमन किया तो तुष्टिकरण किया। एक जगह 40 वोट पर वार्ड बना दिया। मतदाता सूचियों में बोगस नाम भी जुड़ जाते हैं। निर्वाचन आयोग ने स्वच्छ व पारदर्शी सूची बनाने पर किसी को तकलीफ नहीं हाेनी चाहिए। कांग्रेस चाहती है एक व्यक्ति का चार जगह वोट लिखा जाए। यह एसआईआर एक अच्छा प्रयास है। मंत्रिमंडल में कब तक बड़ा फेरबदल होगा? ये मुख्यमंत्री का विषय है। वे जब चाहे तब करें। वैसे शानदार सरकार चल रही है। बाकी गुणात्मक सुधार हो सकता है। अंता चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस में नई ताकत आ गई है? अंता एक चुनाव है वहां एक जातीय गणित का चुनाव था। बाकी पूरे देश में कांग्रेस औधें मुंह गिर गई। हम एक से पांच पर पहुंच गए हैं। सात उप चुनाव में आइना दिखाया था। एक चुनाव में तो कई तरह के गणित रहते हैं। अंता का चुनाव सरकार का मूल्यांकन नहीं है। जब सात उप चुनाव हुए तब सही मूल्यांकन था। अंता चुनाव के बाद तो डोटासरा सो नहीं रहे बेड पे। उछलते हैं रात को। अंता जीत गए अंता जीत गए। जबकि पूरे देश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। आगे राजस्थान के चुनाव में इनकी 10 की गिनती पूरी नहीं होगी।


