खैरथल क्रय-विक्रय सहकारी समिति में सोमवार को यूरिया खाद के वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। जैसे ही किसानों के बीच यूरिया मिलने की सूचना फैली, सुबह से ही सैकड़ों किसान खाद लेने के लिए समिति कार्यालय पहुंच गए। हालात ऐसे रहे कि किसान सुबह करीब 7 बजे से लाइन में लग गए, जबकि खाद वितरण का कार्य सुबह 10 बजे शुरू किया गया। लंबा इंतजार और बढ़ती भीड़ के चलते किसानों में बेचैनी बढ़ती चली गई। समिति की मैनेजर संगीता यादव ने बताया- सोमवार को समिति की ओर से कुल 660 यूरिया के कट्टों का वितरण किया जा रहा था। इधर जिले के लिए कुल 29,260 कट्टे यूरिया पहुंचे थे, जिन्हें 48 विक्रेताओं के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाना है। खैरथल और किशनगढ़ बास में 660-660 कट्टे भेजे गए हैं। इसके बावजूद खैरथल समिति पर किसानों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक पहुंच गई, जिससे व्यवस्था चरमरा गई। जैसे ही वितरण प्रारंभ हुआ, लाइन में लगे किसानों में आगे बढ़ने की होड़ मच गई। कुछ ही देर में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समिति कार्यालय के बाहर सड़क पर किसानों की भीड़ लगने से लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया गया और किसानों के बीच हुए विवाद को शांत कराया गया। पुलिस ने सड़क से जाम हटवाकर यातायात को धीरे-धीरे सुचारू कराया। काफी देर बाद हालात सामान्य हो पाए। यूरिया वितरण के दौरान सहायक कृषि अतिरिक्त निदेशक देवेंद्र सिंह और कृषि पर्यवेक्षक रतिराम यादव भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और लाइन में खड़े होकर ही खाद प्राप्त करें। समिति की ओर से प्रति किसान अधिकतम 5 कट्टे यूरिया देने की व्यवस्था की गई थी, ताकि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।


