जयपुर की आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने गुजरात सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम (MDP) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना, नेतृत्व क्षमता बढ़ाना, डेटा-आधारित निर्णय लेना, डिजिटल स्वास्थ्य तत्परता और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के प्रदर्शन में सुधार के लिए रणनीतिक प्रबंधन पर केंद्रित था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गुजरात के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एसएचएसआरसी और एनएचएम इकाइयों के मेडिकल अधिकारी, प्रोफेसर, प्रशासनिक अधिकारी और नीति योजनाकार शामिल थे। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पीआर सोडानी ने इस अवसर पर कहा, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए नेतृत्व, डेटा इंटेलिजेंस और डिजिटल तत्परता की एक मजबूत नींव आवश्यक है। गुजरात जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य के लिए ये तत्व अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आगे कहा- इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रशासकों को डेटा को कार्रवाई में बदलने, सेवा वितरण में सुधार करने और एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए आवश्यक कौशल और रूपरेखा से लैस करना था।” हेल्थकेयर में एआई के अनुप्रयोग पर हुई चर्चा पांच दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कई इंटरैक्टिव सत्रों में भाग लिया। इनमें स्वास्थ्य प्रशासकों के लिए नेतृत्व और निर्णय-निर्माण, डेटा और संकेतक, कार्यक्रम निगरानी, तथा डेटा-टू-एक्शन अभ्यास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। सत्रों में निर्णय समर्थन के लिए डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और डैशबोर्डिंग, रणनीतिक योजना, प्रबंधन अभ्यास और समूह प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार, हेल्थकेयर में एआई के अनुप्रयोग और जेनरेटिव एआई का उपयोग करके प्रेडिक्टिव एनालिसिस जैसे आधुनिक विषयों पर भी चर्चा की गई। इन सत्रों का संचालन डॉ. पी.आर. सोडानी, डॉ. विनोद कुमार एसवी, डॉ. अरिंदम दास, डॉ. गौतम साधु, डॉ. पूर्णेंदु शेखर पांडे, डॉ. प्रवीण श्रीवत्स और डॉ. वेंकट चंगावल्ली जैसे विशेषज्ञों ने किया।


