विश्व एड्स दिवस को लेकर सोमवार शाम को पाली मारवाड़ नेटवर्क की ओर से बांगड़ हॉस्पिटल और जेल में एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम किया गया। विश्व एड्स दिवस थीम व्यवधान पर काबू पाना और एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन पर बताया कि किसी भी बाधा के बावजूद एचआईवी सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। व्यवधान पर काबू ही एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन समाज में ऐसे व्यक्तियों के प्रति जो सोच है उसको बदलना होगा। ऐसे पीड़ित व्यक्तियों को समाज के मुख्य धारा से जोड़कर समय-समय पर जांच व इलाज उपलब्ध करवाना होगा। बांगड़ अस्पताल अधीक्षक कैलाश परिहार ने कार्यक्रम का शुभारंभ कर सभी स्टाफ को और अधिक जागरूकता का निर्देश दिया, इससे समाज में इस संक्रमण को रोका जा सके। डॉ. नूरेन मिर्जा द्वारा बताया कि किस तरह गर्भवती महिलाओं द्वारा सक्रमण में कमी लाई जा सकती है। डॉ. प्रवीण गर्ग द्वारा हाई रिस्क ग्रुप जैसे की ट्रकरस माइ ग्रेट्स सेक्स वर्कर आदि की वजह से एचआईवी क्लाइंट की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। पाली में वर्तमान में 2 हजार 943 एचआईवी मरीज इलाज ले रहे है।
अंत में पाली मारवाड़ नेटवर्क संस्थान और मरुधर सेवा संस्थान पॉजिटिव यूथ नेटवर्क, साथी सेवा संस्था द्वारा शाम को केंडल जलाकर एचआईवी से जिन्होंने अपनी जान गवाई है उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। एआरटी सेंटर नोडल अधिकारी डॉ. इरम फैजी, बांगड़ परियोजना समन्वयक कांतिलाल, डेटा मैनेजर नरेश वैष्णव, काउंसलर रामराज, यूथ नेटवर्क से नेहा भाटी, सुनीता वैष्णव व मरुधर सेवा संस्थान से वंदना तानिया मौजूद रहे।


