उदयपुर के चिकित्सा विभाग में एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं। संयुक्त निदेश (जेडी) की कुर्सी की खींचतान जैसे-तैसे कुछ समय पहले ही थमी। लेकिन, सीएमएचओ पद और अधिकारों को लेकर अफसरों में जंग अभी तक थमती नहीं दिख रही है। अब सीएमएचओ प्रथम और द्वितीय में क्षेत्र को लेकर विवाद सामने आया है। सीएमएचओ प्रथम डॉ. अशोक आदित्य पर सीएमएचओ द्वितीय डॉ. ओपी रायपुरिया के क्षेत्र में घुसपैठ कर कार्रवाइयां करने के आरोप लग रहे हैं। दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में दो सीएमएचओ की व्यवस्था के साथ ही कार्यक्षेत्र का बंटवार किया गया था। सीएमएचओ प्रथम को उदयपुर शहर, गिर्वा, झाड़ोल, ऋषभदेव, खेरवाड़ा, नयागांव, कोटड़ा व फलासिया का जिम्मा दिया गया।
द्वितीय को बड़गांव, सायरा, कुराबड़, गोगुंदा, वल्लभनगर, भींडर और मावली सौंपा गया। लेकिन, सीएमएचओ प्रथम डॉ अशोक ने इस सीमा को लांघते हुए बड़गांव, सायरा क्षेत्रों में कार्रवाइयां कर नया विवाद पैदा कर दिया। अब ये मामला जयपुर मुख्यालय तक पहुंच चुका है। बड़गांव के डॉ. अशोक शर्मा के मामले में डॉ. अशोक से जांच करवाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा डॉ. अशोक की गोगुंदा में मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई और सायरा में नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। बीसीएमओ को निर्देश- डॉ. रायपुरिया के निर्देश पर ही हो कार्रवाई मामले को लेकर सीएमएचओ द्वितीय डॉ. रायपुरिया ने संयुक्त निदेशक डॉ. प्रकाश शर्मा और निदेशक पब्लिक हेल्थ जयपुर डॉ. रविप्रकाश शर्मा को शिकायत की है। डॉ. रायपुरिया का कहना है कि उच्चाधिकारियों से बात हुई है। अब इस तरह की स्थिति नहीं बने, इसलिए सभी बीसीएमओ को निर्देश दिए हैं। डॉ. आदित्य से भी इस मामले पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। संयुक्त निदेशक शर्मा का कहना है कि डॉ. रायपुरिया के पास फाइनेंशियल पावर नहीं होने से ऐसी स्थितियां बन रही है। डॉ. अशोक और बामणिया में ढाई साल से कुर्सी की जंग उदयपुर में गत ढाई साल से सीएमएचओ पद को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान 5 बार सीएमएचओ बदल चुके हैं। अभी तक डॉ. अशोक आदित्य और पूर्व सीएमएचओ डॉॅ. एसएल बामनिया के बीच खींचतान चल रही थी। अब डॉ. ओपी रायपुरिया की भी एंट्री हो गई है। हालांकि, डॉ. रायपुरिया अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं। दूसरी ओर, डॉ. बामनिया तीसरी बार फिर से पद संभालने के लिए हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इधर, डॉ. शर्मा को एपीओ करने के खिलाफ प्रदर्शन जारी, शर्मा बोले- नेता सड़क पर निकलें, जनता बताएगी चोर कौन बड़गांव सेटेलाइट हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. अशोक शर्मा को एपीओ करने के बाद शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन का दौर सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को हॉस्पिटल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण डॉ. शर्मा के समर्थन में एकत्र हुए और विरोध किया। विरोध को देखते हुए पुलिस और एसडीएम लतिका पालीवाल मौके पर पहुंचीं। एसडीएम ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की बातें सुनीं। डॉ. शर्मा ने कहा, उन्होंने कभी भेदभाव नहीं किया। करोड़पतियों और नेताओं तक को लाइन में लगाया। उन्हें सीखाया कि उनकी भी उतनी वैल्यू है जितनी आम आदमी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्थानीय नेताओं पर निशाना साधते हुए लिखा- कांग्रेस-बीजेपी के नेता मेरे साथ सड़क पर निकलें। उन्हें लोग बताएंगे कि चोर कौन है। जब डॉ. शर्मा हॉस्पिटल से गुरुजी की तस्वीर और गाय माता का प्रतीक चिह्न लेकर रवाना हुए तो लोग भावुक हो गए और रोते हुए उन्हें रोकने लगे।


