पुल गिरने से 2 मिनट पहले गुजरी थी यात्री बस:40 लोग थे सवार, दो छात्रों को बैठाने 100 मीटर पहले रुकी थी स्कूल बस

रायसेन जिले के बरेली-पिपरिया मार्ग पर नयागांव कलां में नाले पर बना एक पुल सोमवार सुबह करीब 10:45 बजे ढह गया। इस दुर्घटना में चार लोग बाइक सहित पुल के साथ नीचे गिर गए थे जिनमें से एक युवक की भोपाल में मौत हो गई। पुल गिरने से एक यात्री बस पुल पर से गुजरी थी जबकि एक स्कूल बस गुजरने वाली थी। 5 मिनट पहले रुकी थी बस, टला बड़ा हादसा
पुल ढहने के समय, 40 से अधिक स्कूली छात्रों को ले जा रही एक बस घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर थी। यह बस बरेली की ओर आ रही थी और दो छात्रों को बिठाने के लिए घटना से लगभग 5 मिनट पहले रुक गई थी। बाद में बस को गांव के पुराने रास्ते से निकाला गया। 2 मिनट पहले गुजरी थी 40 यात्रियों से भरी बस
पुल गिरने से ठीक 2 मिनट पहले 40 यात्रियों से भरी एक अरोरा बस बरेली से पिपरिया की ओर निकली थी। बस में सवार यात्रियों को जब पता चला कि जिस पुल से वे अभी गुजरे हैं, वह ढह गया है, तो उनमें हड़कंप मच गया। बस में सवाल शिक्षिका साक्षी तिवारी ने बताया कि वह रोज की तरह बस से स्कूल जाती है सोमवार को भी वह स्कूल जा रही थी 2 मिनट पहले ही उनकी बस पुल से गुजरी थी। डंपर गुजरने के बाद ढहा पुल
मौके पर मौजूद पदम सिंह ने बताया कि पुल गिरने से पहले दो ओवरलोडेड रेत से भरे डंपर गुजरे थे। इसके तुरंत बाद पुल ढह गया और पीछे आ रही दो बाइक पुल के साथ नीचे गिर गईं। उन्होंने बताया कि इस पुल से रेत के डंपर नियमित रूप से गुजरते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पुल की मरम्मत का काम पिछले 10 दिनों से चल रहा था, जिसे एमडी कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था। मरम्मत के दौरान पुल के नीचे जैक लगाए गए थे और सेंटिंग फिक्स करने के लिए पिलर में कई जगह ड्रिल मशीन से छेद किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इन्हीं छेदों के कारण पुल कमजोर होकर ढह गया। मरम्मत के दौरान ट्रैफिक भी चालू रहा
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मरम्मत कार्य चलने के बावजूद पुल से ट्रैफिक को बंद नहीं किया गया था। जब ग्रामीणों ने मरम्मत करने वालों से पूछा तो उन्हें बताया गया था कि पुल में केमिकल भरा जा रहा है। ट्रैफिक न रोकने को हादसे का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। जर्जर पुलों के लिए मंजूर हुए थे 98 लाख
मरम्मत के लिए मंजूर हुई थी 98 लाख की राशि एमपीआरडीसी के अधिकारियों के अनुसार सर्वे में पुल के कई हिस्सों, स्लैब में रीनफोर्समेंट जंग, एक्सपेंशन जॉइंट में कचरा, किनारों का प्रोटेक्शन वर्क खराब जैसी गंभीर कमियां सामने आई थीं। इन्हीं आधारों पर पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसके लिए 98 लाख रुपए की स्वीकृति 29 मई 2025 को मिली थी। मरम्मत कार्य के दौरान शुक्रवार को अचानक बरेली साइड का एक स्पान नीचे गिर गया। ये पुल भी हैं जर्जर बरेली-पिपरिया मार्ग पर इस प्रकार के चार पुराने पुल हैं। 1. नयागांव पुल (जो सोमवार को ढह गया) 2. बाग पिपरिया का पुल 3. मां नर्मदा घाट का सांडिया पुल 4. रायसेन-भोपाल रोड पर रीछन नदी का पुल

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