टीकमगढ़ में उमा भारती बोलीं- मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना:मोहन यादव अच्छा काम करेंगे; उनसे अच्छे काम करवा लेंगे

टीकमगढ़ में अपनी मां के नाम पर यात्रा निकाल रहीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने स्पष्ट किया है कि उन्हें अब मुख्यमंत्री नहीं बनना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव अच्छा काम करेंगे और वह उनसे अच्छे काम करवा लेंगी। यह बयान उन्होंने बुड़ेरा से बड़ागांव धसान पहुंची यात्रा के दौरान दिया। बड़ागांव धसान में एक कार्यकर्ता ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने की बात कही, जिस पर उमा भारती ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए मुख्यमंत्री नहीं बनना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी नीतियों को माना जा रहा है, हालांकि वह हर बात सीधे मुख्यमंत्री से नहीं कहतीं। इस दौरान उमा भारती ने लोगों से शराबबंदी के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने पूरे देश में गोहत्या रोकने के लिए किसानों से फिर से गोपालन करने की बात भी कही। दूसरे दिन समर्थकों के साथ निकलीं यात्रा के दूसरे दिन उमा भारती बुड़ेरा से शुरू हुईं, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि जिले के पिछड़े क्षेत्रों में विकास की योजनाएं लाई जाएंगी और टीकमगढ़ को एक समृद्ध जिला बनाया जाएगा। उन्होंने बुंदेलखंड में रेलवे लाइन और केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसी बड़ी सौगातों का भी जिक्र किया। उमा भारती ने अपनी 16 वर्ष की आयु में पहली बार इंग्लैंड यात्रा और प्रवचनों के सिलसिले में 60 देशों की यात्रा का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कैलपुरा की शराब दुकान हटाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखने की बात कही और विश्वास दिलाया कि यह दुकान दो दिन में हट जाएगी। उन्होंने महिलाओं से शराबबंदी आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने और कंडा, गोबर, मिट्टी लेकर दुकान पर पहुंचने का आग्रह किया। शिवराज ने अच्छी शराब नीति बनाई उमा भारती ने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है, क्योंकि मोहन यादव अच्छा काम कर रहे हैं और प्रधानमंत्री भी अच्छे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो वह कहती हैं, उसे मान लिया जाता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि शिवराज सिंह चौहान से अच्छी शराब नीति बनाने को कहा तो उन्होंने बनाई और मोहन यादव से एक जिले में एक बड़ी गोशाला होने की बात कही है। अंतौरा की पहाड़ी को पैदल पार करेंगी बड़ागांव पहुंची उमा भारती ने कहा कि उनकी मां जिन मार्ग से जाती थी वह शार्ट कट थे। ऐसे में वह कुछ यात्रा कार से कर रही है। अब वह अंतौरा की पहाड़ी को पैदल पार करेंगी। इसमें चढ़ने में परेशानी होगी। आपने मुझे बहुत पहाड़ चढ़ाए है। पहले मुख्यमंत्री बनने के लिए, राम मंदिर के लिए, तिरंगा के लिए बहुत पहाड़ चढ़े है। क्या अंतौरा की पहाड़ी नहीं चढ़ा पाएंगे।

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