निकाय चुनाव नहीं होने से राजनीतिक पार्टियों के बिना चल रहा नगर निगम लगातार बड़ी कार्रवाई कर रहा है। शनिवार को अंबामाता के पास राड़ाजी चौराहे पर छह मंजिला भवन को सीज किया गया। इसे बिना निर्माण अनुमति के बनाया गया था और यहां फूड प्लाजा व रूफ टॉप कैफे भी चल रहा था। बिल्डिंग मालिक राजकुमार और उनकी पत्नी ने नोटिस को गलत बताते हुए कुछ देर हंगामा भी किया। निगम के सूत्रों ने बताया कि बिल्डिंग करीब 2 साल पहले बनी थी। मालिक की राजनीतिक पकड़ के कारण निगम कार्रवाई से बचता रहा। आयुक्त राम प्रकाश ने कहा कि शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। बता दें कि शुक्रवार को सूरजपोल पर तीन बड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया गया था। नोटिस भेजकर अवैध निर्माण हटाने को कहा था
निगम ने बिना अनुमति बिल्डिंग में बेसमेंट, भूतल के अलावा ऊपर छह मंजिलें बनी होने को लेकर 31 दिसंबर को मालिक को नोटिस भेजा था। इसमें 3 दिन में अवैध निर्माण हटाने और फोटो पेश करने को कहा था। मालिक ने कार्रवाई से एक दिन पहले 3 जनवरी को नोटिस का जवाब दिया, जिसे निगम ने संतोषप्रद नहीं माना। आयुक्त ने शनिवार सुबह बिल्डिंग को सीज करने के आदेश दे दिए।


