जीवन में तनाव कम करने के लिए आस्था का सहारा लिया जाएगा। बीकानेर रेंज के चारों जिलों में पुलिसकर्मियों और जेल के बंदियों को गीता का ज्ञान दिया जाएगा। पुलिस महकमे की ओर से नए साल में यह नई शुरुआत की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बंदियों का मन शांत होगा और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। काम का दबाव, अधिकारियों का गुस्सा, विपरीत हालात और अन्य कारणों से पुलिसकर्मी तनाव में रहते हैं। इस कारण वे सामान्य बर्ताव नहीं कर पाते जिसका असर उनके काम और ड्यूटी पर पड़ता है। जेल में बंदियों ने भी कोई ना कोई अपराध किया होता है। तभी वे जेल पहुंचते हैं। बीकानेर रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ चारों जिलों में पुलिसकर्मियों के तनाव को दूर करने और जेल के बंदियों में सुधार के लिए उन्हें गीता के श्लोक से समझाने का निर्णय लिया गया है। श्रीकृष्ण भावना अमृत संघ (इस्कॉन) की ओर से एक-डेढ़ घंटे का कार्यक्रम आयोजित कर गीता के श्लोक के जरिये पुलिसकर्मियों और बंदियों को तनाव दूर करने और अपराध जगत से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुलिसकर्मियों को गीता के वे श्लोक और उनका अर्थ समझाया जाएगा जो तनाव दूर करते हैं। इसी तरह बंदियों को अपराध से दूर रहने और किसी अन्य को नुकसान ना पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। श्लोक के बाद करीब 40 मिनट तक उसका अर्थ समझाया जाएगा। उसके बाद 15 मिनट कीर्तन होगा और इतने ही समय मंत्र जाप करवाया जाएगा। इस्कॉन की ओर से अगले सप्ताह से इसकी शुरूआत की जाएगी और समय-समय पर पुलिस लाइन और जेल में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


