भास्कर संवाददाता | पाली सर्दी के सीजन में जुकाम के मरीज ओटिटिस मीडिया बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इसमें नाक से कान तक आने वाली ट्यूब ब्लॉक होने और वेंटिलेशन रुकने से कान के पर्दे में सूजन आ रही है। पर्दे के पीछे मवाद जमा हो रहा है। समय पर इलाज नहीं लेने पर कान के पर्दे के पीछे मवाद जमा होता रहता है। दर्द के साथ कान का पर्दा फटने से मवाद बाहर आने लगता है। बांगड़ अस्पताल के ईएनटी विभाग की ओपीडी में पिछले महीने में 36 मरीज आ चुके हैं। अब सर्दी बढ़ने से 120 की ओपीडी में रोजाना 108 मरीज आ रहे हैं। यानी पिछले 20 दिन में 3 गुना मरीज बढ़े हैं। रोज 4 मरीजों ऐसे आ रहे हैं, जिनके पर्दे फट चुके हैं। ईएनटी विभाग की ओपीडी में सीनियर डॉक्टर्स के साथ रेजिडेंट डॉक्टर्स की भी ड्यूटी लगाई गई है। डॉक्टरों ने ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खा अपनाने की बजाय अस्पताल आने की सलाह दी है। क्योंकि नुकीली चीज से मवाद निकालने के दौरान पर्दा फट सकता है। बीमारी से बचने के उपाय { सर और पैरों को ढक कर रखें { फ्रिज में रखी चीजें, आइसक्रीम सेवन न करें { कान में गर्म तेल या अन्य कोई दवाई ना डालें { एलर्जी, जुकाम वाले मरीज मॉर्निंग वॉक के लिए सूर्योदय के बाद ही जाएं { कान बहने या अन्य तकलीफ होने पर कान को सूखा रखें एक्सपर्ट बोले- संक्रमण बढ़ने पर ऑपरेशन की नौबत आ सकती है ईएनटी के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव कटारिया के अनुसार बच्चों में यह समस्या अधिक है। इसमें नाक और कान को जोड़ने वाली स्टेचिंग ट्यूब में एडिनाइड जमा होने से कान का वेंटिलेशन रुक जाता है। जिससे संक्रमण के बाद पर्दे के पीछे फ्लूड भर जाता है। समय पर इसका इलाज न किया जाए तो कान का पर्दा फटने से कान बहना शुरू हो जाता है। लगातार संक्रमण रहने से स्थिति ऑपरेशन तक पहुंच जाती है। अक्सर मरीज कान में नुकीली चीज डाल देते हैं। इससे पर्दा फटने की आशंका रहती है। बीमारी क्या : नाक से कान तक जाने वाली ट्यूब जुकाम से हो रही है ब्लॉक हो क्या रहा : वेंटिलेशन रुकने से पर्दे पर आ रही सूजन व जमा हो रहा मवाद


