सांडेराव .तखतगढ़ .बेड़ा:जवाई के छिछले पानी में एल्गी खाने पांच साल बाद आए लेसर फ्लेमिंगो

सुमेरपुर | जवाई बांध में पांच साल बाद लेसर फ्लेंमिंगो का एक समूह नजर आया है। ग्रेटर फ्लेंमिंगो छिछले पानी में रहकर एल्गी खाने आता है। क्रीमी लाल व गहरी रंग की चोंच में फिल्टर वाले लेसर फ्लेमिंगो ग्रेटर फ्लेमिंगो से छोटे होते हैं। ग्रेटर करीब 130 सेमी लम्बे व लेसर करीब 90 से 105 सेमी लम्बे होते हैं। चोंच में जालीनुमा फिल्टर लगे होने से पानी में से एल्गी को छानकर खाते हैं। फ्लेमिंगो गुजरात के रण ऑफ कच्छ और पूर्वी अफ्रीका में प्रजनन कर उभरे हुए कुण्ड के आकार में घोंसला बनाकर अण्डे देते हैं। चूजों को रक्त जैसा लाल तरल पिलाकर बड़ा करते हैं। -फोटो लक्ष्मण पारंगी नाणा .बिसलपुर .पालड़ी जोड़

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