हॉस्पिटलों में बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारने के उदेश्य से आज प्रिंसिपल सेक्रेटरी हेल्थ गायत्री ए. राठौड़ ने आज जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। यहां वे वार्डो में गई और भर्ती मरीजों से फीडबैक लिया। इस दौरान कुछ मरीजों से जब उन्होंने दवाईयां, जांचों के बारे में पूछा तो सामने आया कि कई मरीजों को कुछ दवाईयां और जांचों के लिए बाहर भेजा रहा है। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को किसी भी सूरत में बाहर से जांच करवाने और दवाईयां लाने के लिए पर्ची नहीं लिखने के निर्देश दिए। इससे पहले जब वह हॉस्पिटल के अलग-अलग सेक्शन में गई तो उन्हें कुछ स्टाफ बैठा दिखा। जिनसे पूछा तो पता चला कि वह ट्रेनिंग के लिए यहां आया है। ट्रेनिंग के दौरान स्टाफ से काम न करवाने पर राठौड़ ने नाराजगी जताई और स्टाफ को ट्रेनिंग करवाने और उनसे काम करवाने के लिए कहा। इस दौरान प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आर.एन सेहरा समेत अन्य डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी साथ रहे। हॉस्पिटल में जगह-जगह फीडबैक फार्म रखवाने के निर्देश प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजीट के दौरान कुछ जनरल और आईसीयू वार्ड में भी गई। यहां उन्होंने जब मरीजों से यहां की व्यवस्था, इलाज के बारे में फीडबैक लिया तो उन्हें कई मरीजों की तरफ से कई असुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने हॉस्पिटल अधीक्षक को वार्डो और हॉस्पिटल में अलग-अलग स्थानों पर फीडबैक फार्म और उसे जमा करने की पेटी रखने के निर्देश दिए, ताकि आमजन अपनी शिकायतों और यहां होने वाली समस्याओं को लिखकर प्रशासन और सरकार तक पहुंचा सके।


