ऑनलाइन गेम्स की लत में इंदौर आईआईटी का एक होनहार छात्र जिंदगी से हार गया। गरीब घर का छात्र हर झंझावात से लड़कर आईआईटी तक तो पहुंचा लेकिन यहां ऑनलाइन गेम्स और सट्टे में उसने फीस तक के रुपए गंवा दिए। शनिवार को फीस भरने की आखिरी तारीख थी। इससे छात्र इतना परेशान हुआ कि शुक्रवार रात अपनी जान दे दी। आत्महत्या से पहले उसने अपने मोबाइल पर स्टेटस भी डाला। लिखा कि मुझे ऑनलाइन गेम्स की लत है, जो ड्रग्स की तरह है। मृतक छात्र की पहचान रोहित (17) के रूप में हुई है। वह तेलंगाना के नलगोंडा का रहने वाला था। इंदौर में आईआईटी कैंपस के विक्रम साराभाई हॉस्टल में रहकर मैकेनिकल के फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार रात 8:30 बजे सभी दोस्त खाना खाने के लिए डाइनिंग हॉल गए थे। दोस्तों ने रोहित को भी साथ चलने के लिए कहा, पर उसने मना कर दिया। डिनर के बाद दोस्त लौटे तो रोहित कमरे में फंदे पर लटका मिला। एक दिन पहले ही घर से लौटा था, फीस साथ लाया था : रोहित के रूममेट विशाल ने बताया कि फर्स्ट सेमेस्टर खत्म होने के बाद रोहित दिसंबर में घर गया था। दो जनवरी को ही वह घर से लौटा। उसके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वह मेहनत कर आईआईटी तक पहुंचा। शनिवार को फीस भरने का अंतिम दिन था। घरवालों ने उसे 40 हजार रुपए दिए थे, लेकिन इन्हें वह ऑनलाइन गेम्स में हार गया था। इससे वह परेशान चल रहा था। रोहित के भाई रूप सिंह के मुताबिक, कोरोनाकाल के दौरान भी वह काफी रुपए हार चुका था। तब माता-पिता ने उसे डांटा भी। दोस्तों ने मोबाइल से गेमिंग एप डिलीट कर दिए थे, लेकिन लत छूट नहीं रही थी। परिजनों ने बताया, फर्स्ट सेम में रोहित के तीन विषयों में बैक लगी थी, उसका भी दबाव था। आईआईटी इंदौर के ज्वाइंट रजिस्ट्रार कमांडर सुनील ने बताया रोहित होनहार छात्र था। वह पढ़ाई और स्पोर्ट्स में भी बेहतर था। साउथ इंडिया से आने वाले छात्रों को पहले सेमेस्टर में भाषा और रिसर्च की पढ़ाई में दिक्कत आती है, पर वे कवर कर लेते हैं। पैरेंट्स मुझे रोकेंगे तो भी भविष्य में यही करूंगा… मैं ऑनलाइन बेटिंग की लत में हूं। मेरे सुसाइड के पीछे यही वजह है। मेरे पैरेंट्स मुझे रोकेंगे तो भी भविष्य में यही करूंगा, क्योंकि ये ड्रग्स की तरह है। सभी प्रियजन को अलविदा।
– रोहित का सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन उसने वॉट्सएप स्टेटस पर लिखा था


