डेढ़ लाख खाली पड़े प्लॉटों में लगा कचरे का अंबार:न खाली प्लॉट साफ हुए और न प्रॉपर्टी टैक्स में जुर्माना जुड़ा; क्योंकि नियमों में प्रावधान ही नहीं

जोन से भेजे गए 200 केस पर जुर्माना नहीं लग सका भोपाल में डेढ़ लाख से अधिक खाली प्लॉट कचरे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। नगर निगम ने पिछले साल सितंबर में ऐलान किया था कि ऐसे प्लॉटों की सफाई कराई जाएगी और खर्च जुर्माने समेत मालिक के संपत्ति कर खाते में जोड़ा जाएगा। इस नीति के तहत शहर के विभिन्न जोन से 200 से ज्यादा प्रकरण निगम मुख्यालय भेजे गए, लेकिन एक भी प्लॉट मालिक पर जुर्माना नहीं लगाया जा सका क्योंकि नियमों में इसका कोई प्रावधान नहीं था। नतीजतन, सफाई अभियान रुक गया। कोलार, होशंगाबाद रोड, साकेत नगर, अवधपुरी, पिपलानी, करोंद, छोला, निशातपुरा और गांधी नगर जैसे इलाकों में खाली प्लॉटों पर गंदगी पसरी है। जोन 11, 13, 14, 16, 17, 18 और 19 के एएचओ ने चिह्नित प्लॉटों पर सफाई कराई और खर्च को संपत्ति कर खाते में जोड़ने का प्रस्ताव भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से समस्या जस की तस है। इ​स​लिए लागू की थी नई व्यवस्था 1. खाली प्लॉट मालिकों की जानकारी नहीं मिल पाती है। कई संपत्ति कर खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदल गए। 2. जिन खाली प्लॉटों पर कचरा, वहां निगम नोटिस लगाता है, पर प्लॉट मालिक नहीं करते हैं संपर्क। 3. खाली प्लॉट पर कचरे की रोज निगम में होती हैं शिकायतें, लेकिन जुर्माना न होने से समस्या बनी। इस​लिए नहीं हुई कार्रवाई
नगर निगम संपत्ति कर के साथ-साथ समेकित कर, जल अभिकर, शिक्षा उपकर, नगरीय विकास शुल्क और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रभार लेता है। इसके अलग-अलग हेड हैं। ऐसे में प्लॉट पर कचरा मिलने पर जुर्माने की राशि को संपत्ति कर खाते में जोड़ने की बात आई तो जिम्मेदार यही तय नहीं कर पाए कि इसे किस हेड में जोड़ा जाए। स्वच्छता रैंकिंग बिगड़ेगी!
यह हालात इसलिए भी अस्वीकार्य है, क्योंकि इसी महीने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के लिए केंद्र से टीमें सर्वे करने के लिए भोपाल आ सकती हैं। इस दौरान इन खाली प्लॉट पर लगे कचरे के ढेर शहर की सफाई व्यवस्था पर दाग साबित होंगे। इसका खामियाजा हमें स्वच्छता की रैंकिंग में नुकसान के तौर पर चुकाना पड़ सकता है। इधर, सिर्फ आसान कार्रवाई पर फोकस… नगर निगम के अमला हर दिन 500 और उससे भी ज्यादा मामलों में स्पॉट फाइन लगाने की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, सभी प्रकरण सीएंडडी वेस्ट फैलाने, गीला-सूखा कचरा मिक्स देने पर, सड़क पर कचरा डालने, दो अलग डस्टबिन नहीं रखने और अमानक पॉलीथीन का उपयोग करने जैसे मामलों में किए जा रहे हैं। खाली प्लॉट पर कचरा डालने पर उन्हें साफ कराने जैसी कार्रवाई थम गई है। खाली प्लाट पर कचरा मिलने पर प्लॉट मालिक पर जुर्माने की व्यवस्था लागू है। राशि राजस्व खाते में क्यों नहीं जुड़ पा रही, इस संबंध में आईटी टीम से बात करके समाधान कराएंगे। -हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम, भोपाल

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