मप्र में मार्च से दिसंबर 2024 तक माइनिंग विभाग का राजस्व 6765 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। वित्तीय वर्ष 2023 -24 में कुल 10066 करोड़ रुपए का राजस्व इकट्ठा हुआ था, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 22% की वृद्धि थी। वहीं वर्तमान में 20 मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया भी चल रही है। इस वित्तीय वर्ष के लिए 12500 करोड़ का राजस्व टारगेट है। साल 2022 -23 में माइनिंग विभाग ने अलग-अलग मदों से लगभग 8200 करोड़ का राजस्व इकट्ठा किया था। वहीं, ये बीते साल 22% बढ़कर 10066 करोड़ हो गया। इस साल राजस्व का टारगेट पूरा करने के लिए अभी भी 3 महीनों में 5700 करोड़ की जरूरत है। 20 मेजर मिनरल ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया में
मेजर मिनरल्स के 20 ब्लॉकों की नीलामी के लिए अगस्त में टेंडर जारी किए गए थे, जिसकी कार्यवाही अभी जारी है। जल्द इसे पूरा किया जाएगा। साथ ही गोल्ड के 4 ब्लॉक, मैग्नीज खनिज के 16 ब्लॉक एवं कॉपर का एक ब्लॉक वित्तीय वर्ष में नीलाम हो चुके हैं। क्रिटिकल मिनरल के दो ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शुरू करके मप्र देश में पहला राज्य बन चुका है। बीते महीनों में प्रक्रिया शुरू हुई है। वर्तमान में बैतूल के गोलीघाट में ग्रेफाइट और वनैडियम; सीधी के बहेरा में ग्रेफाइट और बेसमेटल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया हो चुकी है।


