सीधी जिला अस्पताल ब्लड बैंक में बचा 3 यूनिट खून:सिविल सर्जन बोले- लोग केवल ब्लड लेते है दान नहीं करते

सीधी जिला अस्पताल का ब्लड बैंक इस समय खून की भारी कमी से जूझ रहा है। मंगलवार को ब्लड बैंक में केवल 3 यूनिट रक्त शेष था। लाखों की आबादी वाले इस जिले में यह स्थिति एनीमिक मरीजों, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना के मामलों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे ने बताया कि नागरिक रक्तदान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “लगातार आपातकालीन मामले आते हैं और खून की जरूरत होती है, लेकिन लोग केवल रक्त लेते हैं और दान नहीं करते।” उन्होंने समाजसेवियों से अपील की है और बताया कि जल्द ही रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। संत निरंकारी संगठन के अध्यक्ष रमेश अग्रवानी ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “लोग केवल जरूरत पड़ने पर रक्त लेते हैं, लेकिन उनके परिजन रक्तदान नहीं करते। इसी वजह से यह संकट उत्पन्न हुआ है।” उन्होंने भी जल्द ही शिविर लगाने और जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन भीम कुशवाहा ने पुष्टि की कि ब्लड बैंक में केवल तीन यूनिट रक्त बचा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से रक्त की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है।इस कमी का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। देवसर निवासी बृजेश कुमार रजक ने बताया कि उनके बच्चे को थैलीसीमिया है और डॉक्टरों ने तीन यूनिट रक्त चढ़ाने को कहा है। उन्होंने कहा, “ब्लड बैंक में एक भी यूनिट नहीं है। हम तीन दिन से परेशान हैं।” इसी तरह, बहेरा निवासी सरदार केवट ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि मैं एक सप्ताह से रक्त की तलाश में भटक रहा हूं, लेकिन एक बूंद भी नहीं मिली। मरीज की जान कैसे बचेगी? रक्त की इस किल्लत का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ रहा है। दुर्घटना के मामलों से लेकर खून की कमी वाले मरीज तक, बड़ी संख्या में अब रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर किए जा रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *