हिमांगी सखी को भाजपा का अध्यक्ष क्यों नहीं बना देते:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाकुंभ में किन्नर महामंडलेश्वर की मौजूदगी पर नाराज

किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी को महामंडलेश्वर की उपाधि पर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रपति का पद खाली होने वाला है। वहां क्यों नहीं बैठा देते? जब उनसे पूछा गया कि कुमार विश्वास ने एक बॉलीवुड कलाकार के बेटे का नाम तैमूर रखने पर टिप्पणी की है? उन्होंने कहा- हमें पता है कि रावण अत्याचारी था, इसलिए उसके नाम पर कोई अपने बच्चे का नाम नहीं रखता। महाकुंभ में आमंत्रण पर अखिलेश यादव के ट्वीट पर उन्होंने कहा- आमंत्रण पर स्नान से पुण्य नहीं मिलता है। योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के लिए बहुत काम कराएं हैं। हो सकता है, वह अपने काम दिखाना चाहते होंगे। हूबहू पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : कुंभ के आमंत्रण पत्र पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा, आप क्या कहेंगे?
जवाब : कुंभ में आमंत्रण पत्र देने की कोई परंपरा नहीं रही है। लोग स्वयं कुंभ में स्नान करने आते हैं। हम गंगा मां की पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन, गंगा स्नान के लिए आमंत्रण देने की कोई परंपरा नहीं। बुलाने पर अगर कोई गंगा स्नान करने आता है, तो उसका कोई महत्व नहीं होता। मैं बताना चाहूंगा कि यहां के जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। उन्होंने विशेष रूप से कार्य किए हैं। सड़कें बनाई हैं, घाट बनाया है, तो वह चाहते होंगे कि हमने जो कार्य किया है, उसको लोग आकर देखें। अगर वह लोगों को आमंत्रित कर रहे है। तो उसमें कोई खराबी नहीं है। सवाल : किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी को शंकराचार्य की उपाधि मिल सकती है?
जवाब : हमारे यहां शंकराचार्य दंडी संन्यासी बनता है। दंडी संन्यासी का पुरुष होना जरूरी होता है। महिला या फिर पुरुष से इतर लिंग के लोग शंकराचार्य नहीं बनते। लेकिन प्रोत्साहन के लिए सशक्तीकरण के लिए बैठाया जाना है, तो राष्ट्रपति का भी पद खाली होने वाला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख का पद खाली होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का पद भी खाली होने वाला है। खोजा जा रहा है कि किसको बनाएं… किसको बनाएं? सवाल : कुमार विश्वास ने फिल्म अभिनेता के बेटे के नाम तैमूर पर सवाल किए हैं?
जवाब : सिद्धांत निरूपण के लिए जो बात कही जाए, उसका कोई विरोध नहीं। लेकिन, किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर कहना उसको व्यक्तिगत चोट पहुंचाना है। ऐसा नाम, जिससे दूसरों को पीड़ा होती हो, हम लोग नहीं रखते। हम मानते हैं कि रावण अत्याचारी है। इसीलिए हम अपने घर में किसी का नाम रावण नहीं रखते। आप ऐसा नाम क्यों रखते हो, जिसका इतिहास ऐसा रहा हो। जिसके नाम से हमें दुख होता हो। सवाल : कुंभ के जरिए सबसे बड़ा संदेश क्या देने वाले हैं?
जवाब : कुंभ सनातन धर्मियों का सबसे बड़ा जमावड़ा है। यहां से सनातन धर्म का सबसे बड़ा संदेश जाना चाहिए। वो संदेश है, गोरक्षा का। हिंदू की सबसे बड़ी पहचान गोत्र से होती है। समाज में हिंदू जहां भी रहता है, गाय की पूजा करता है। आज देश में हम बहुसंख्यक हैं, लेकिन गाय काटी जा रही है। सिर्फ काटी ही नहीं जा रही, पैकेट में बंद करके डॉलर में बेची जा रही है। सवाल : बांग्लादेश के हिंदू मदद के लिए अमेरिका में बनने वाली ट्रंप सरकार की तरफ देख रहे हैं, क्या कहेंगे?
जवाब : जब कोई समस्या में होता है, तब वह आशा करता है। सबसे पहले लोगों को भारत सरकार से आशा थी, खासकर हिंदुओं को। क्योंकि पूरे विश्व में यही ऐसा देश है, जिसे हिंदुओं के लिए पहचाना जाता है। इसीलिए वहां के हिंदुओं को भारत सरकार से आशा थी। लेकिन, जब वह आशा धूमिल हो गई। इसके बाद ही सब शंकराचार्य की शरण में आए। अब लोग अमेरिका के होने वाले राष्ट्रपति से उम्मीद कर रहे हैं। सवाल : ऐसा क्यों है कि हिंदू प्रताड़ित हो रहे?
जवाब : हिंदुओं का नेतृत्व पूरी तरह से अलग-थलग हो चुका है। वह स्वार्थी हैं, हिंदुओं की पीड़ा पर हिंदुओं का नेतृत्व करने वालों का दिल नहीं पिघलता है। इस समय लोग भगवान के भरोसे पर हैं। कमजोर नेतृत्व होने की वजह से हिंदू जगह-जगह प्रताड़ित हो रहे हैं। ——————- यह खबर भी पढ़ें :
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