पूज्य सिन्धी पंचायत की नई कार्यकारिणी गठित:रामनानी सचिव, लालवानी-पहुवानी कोषाध्यक्ष, सर्वसम्मति से मनोनयन

बालोतरा में पूज्य सिंधी पंचायत संस्था (रजि.) की नई कार्यकारिणी का गठन सोमवार शाम नवनियुक्त अध्यक्ष टीकमदास खियानी की अध्यक्षता में हुआ। इस दौरान सुनील रामनानी को सचिव, जबकि नंदलाल लालवाणी और नंदलाल पहुवानी को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। नवनियुक्त मीडिया प्रभारी प्रकाश मनवानी और योगेश सोनी ने बताया-बैठक में सर्वप्रथम समाज के बाबा साहब बाबूलाल आहूजा, गोरधन मेघनानी और प्रताप मल लालवाणी को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नत्थू मल होतवानी को सर्वसम्मति से नया बाबा साहब मनोनीत कर सम्मानित किया गया। इन्हें दी गईं जिम्मेदारी
नई कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में गुलाबराय चंदानी, वासुदेव बरसानी और हरिकिशन सोनी को जिम्मेदारी दी गई। बाबूलाल सुखनानी और रविकुमार चंदानी उपाध्यक्ष बनाए गए। ओमप्रकाश आसुदानी सह सचिव, हरीश कुमार आहूजा और गोविंद कुमार सुखनानी सलाहकार, महेश कुमार लालवानी और पंकज कुमार सुखनानी ऑडिटर, तथा शोभराज लोहानी स्टोर कीपर मनोनीत किए गए। प्रकाश मनवानी और योगेश सोनी को मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया। सदस्यों को किया मनोनीत
इसके अतिरिक्त, कन्हैयालाल सोनी, सुनील लालवाणी, संदीप रामनानी, रमेश वृन्दानी, भरत धीरवानी, राजेश धीरवानी, प्रकाश खियानी, जैकी आहूजा, महेश छब्बलानी, रवि संगतानी, गुरमुख सुखनानी, योगेश कुमार सुखनानी, किशन पहुवानी, लालचंद मनवानी, जय लालवानी, मुकेश सोनी, भरत मेघनानी, विक्की लालवानी, सोनू सुखनानी, लक्ष्मण नैनवानी, संजय संभावनी और रतन धीरवानी को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष टीकमदास खियानी ने समाज बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ा दायित्व भी है। उन्होंने समाज के सभी वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों और युवा साथियों के सहयोग से पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। खियानी ने जोर दिया कि नई कार्यकारिणी में युवाओं को आगे लाकर जो विश्वास व्यक्त किया गया है, वह समाज की प्रगतिशील सोच का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा, वरिष्ठों के अनुभव और संगठन की एकता से समाज में निश्चित रूप से सकारात्मक और सार्थक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उन्होंने सभी समाज बंधुओं से सहयोग और संवाद की परंपरा को बनाए रखने का आग्रह किया, क्योंकि सामूहिक सहभागिता ही संगठन की मजबूती और समाज के उत्थान का आधार है।

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