भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत 1115 करोड़ रुपए की लागत से बिलासपुर-उरगा तक 100 किमी एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। ये लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बिलासपुर के ढेका के पास अरपा नदी से पहले सिर्फ 400 मीटर सड़क ने करीब डेढ़ साल से पूरे प्रोजेक्ट को रोक दिया है। आगे भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा पूरा होने में एक साल और लगेगा। दरअसल, यह हिस्सा भू-अर्जन और बटांकन की अनियमितताओं की वजह से अटका रहा। विवाद बढ़ा तो एनएचएआई ने आर्बिट्रेशन में चुनौती दी। फैसला उसके पक्ष में आया। इस हिस्से का हेक्टेयर में अवॉर्ड भी जारी हो चुका है, जिससे अधूरा काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस रोड में एक बार वाहन प्रवेश करने के बाद बीच रास्ते में यू-टर्न या एंट्री की कोई सुविधा नहीं होगी। 10 हजार वाहनों की आवाजाही आसान यह प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे लालखदान के ढेका से बलौदा बाइपास-उरगा-कुनकुरी होते हुए झारखंड बॉर्डर तक जाएगा। इसके बनने से बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा की करीब पांच लाख की आबादी को फायदा होगा और 10 हजार से ज्यादा गाड़ियां झारखंड के धनबाद तक जा सकेंगी। खासतौर पर ढेका से उरगा होकर कोरबा तक का हिस्सा औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले में भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए भू-स्वामियों को भूमि निर्धारण कर नोटिस दिया जा चुका है, वे अपनी संबंधित भूमि का मुआवजा ले सकते हैं। – मनीष साहू, एसडीएम, बिलासपुर


