छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस की वजह से जमीन की कीमतें 5-9 गुना बढ़ गई हैं। पिछले 5 दिनों से कई जिलों में प्रदर्शन जारी है। सोमवार को दुर्ग में धरना प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। रियल एस्टेट से जुड़े सैकड़ों कारोबारियों ने पटेल चौक पर पुलिस की बेरिकेडिंग तोड़कर कलेक्टोरेट परिसर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस हरकी झड़प भी हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूके बल प्रयोग के स्वथ लाठियां भी भांजी। इस दौरान 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिसमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने लोगों के खिलाफ केस दर्ज करी 8 लोगों को हिरासत में लिया। दरअसल, हाल में राज्य शासन ने जमीन की खरीदारी को लेकर नई दरें लागू की हैं, जिसमें 5 डिसिगल से कम को जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लग गई है। इसके अलावा नई दरें लागू होने से रजिस्ट्री पहले ज्यादा महंगी हो गई है। इसके चालते प्रदेशभर में जमीन कारोबार से जुड़ा व्यापारी वर्ग विरोध में आ गया है। 5 डिसमिाल से कम की रजिस्ट्री नहीं होने का आदेश को रद्द करने की मांग को लेकर पिछले 5 दिनों से कलेक्टोरेट परिसर में धरना दे रहे थे। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पैदल कलेक्ट्रेट के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने पहले से ही, बेरिकेडिंग कर रखी थी. जिसके कारण प्रदर्शनकारियों ने पटल चौक पर काले झंड लहराकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी उम्र हो गए और बेरिकेडिंग को तोड़कर कलेक्ट्रेट के भीतर घुसने का प्रयास करने लगे। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने मौक पर खड़े एसडीएम और एएसपी सिटी पर पानी की खाली बोतलें और पाउच फेंक दिए, जिससे हालात और विगढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। नई गाइडलाइन और व्यापारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में विधायक नई गाइडलाइन का विरोध कर रहे व्यापारियों पर पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज की घटना की भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इस तुगलकी निर्णय और व्यापारियों के दमन के खिलाफ वे 4 दिसंबर को दुर्ग के महात्मा गादी चौक पर सुत्रा से एक दिवसीय भूख हड़ताल करेंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार से जमीन को नई गाहड लाइन को वापस लेने की मांग की जाएगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन की वजह से जमीन की कीमतें 5-0 गुना बढ़ गई है। जनता पहले से ही परेशान और बोड़ा नहीं डालने देंगे आयुक्त ने संपत्तिकर में 5 प्रतिशत वृद्धि का मौद्रिक बर्चा में प्रस्ताव रखा थे। एमआईसी के सभी सदस्यों ने इसका विरोध किया है। पहले से ही जनता विजानी बिटन से लेकर कलेक्टर माइड लाइन में बढ़ोतरी से परेशान है। इसलिए जनता पर एक और टैक्स में बढ़ोतरी कर बोझ नहीं डाल सके। – नीरज पाल, महापौर भिलाई भविष्य में प्रक्रिया अनुसार उचित निर्णय किया जाएगा संपत्ति कर निर्धारण हेतु कर योग्य संपत्ति मुख्य में वित्तीय वर्ष 2020-21 के पश्चात कोई वृद्धि नहीं हुई है, कर योग्य संपत्ति मूल्य में 5% वृद्धि हेतु प्रस्ताव पर सलाहकार समिति में कोरम नहीं होने से आज चर्चा नहीं हो पाई है, भविष्य में प्रक्रिया अनुसार उचित निर्णय किया जाएगा। – राजीव पांडेय, अयुक्त निगम


