आगर मालवा: नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर परिसर से हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वर्षों से संचालित फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानें हटा दी गई हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई बेशकीमती शासकीय भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई का सीधा असर उन दुकानदारों पर पड़ा है, जिनकी आजीविका इन दुकानों पर निर्भर थी। मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रभावित दुकानदार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर प्रीति यादव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि दुकानें हटने से उनका रोज़गार पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक उनके लिए कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उन्हें मंदिर के आसपास किसी सुरक्षित स्थान पर अस्थायी दुकान लगाने की अनुमति दी जाए। उनका तर्क है कि ये दुकानें उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन थीं, और उनके हटने से वे बेरोज़गार हो गए हैं। प्रभावित व्यापारियों की यह मांग अब प्रशासन के विचाराधीन है। कलेक्टर ने ज्ञापन लेने के बाद संबंधित विभागों को मामले की जानकारी भेजी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं, जिससे इन दुकानदारों के रोज़गार संकट के समाधान की दिशा तय होगी।


