दतिया न्यू कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले जमीन, बंटवारे, नामांतरण और रास्ता अवरोध से जुड़े पहुंचे। ग्रामीणों ने दबंगई, फर्जी नामांतरण, अवैध कब्जे और खेतों तक पहुंच के रास्ते रोकने जैसी गंभीर शिकायतें रखीं। सबसे पहले अशोक कुमार यादव, पलोथर ने बताया कि उसके भाई ने खेती के रास्ते पर कब्जा कर खेत पर जाने नहीं दिया। विरोध पर मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी। कलेक्टर ने पुलिस और राजस्व विभाग को तत्काल रास्ता बहाल कराने के निर्देश दिए। दतिया गिर्द से आए फरियादी ने बताया कि पिता की मौत के बाद नामांतरण में कई सर्वे नंबर छूट गए, जिनका फायदा उठाकर फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर जमीन हड़प ली गई। कलेक्टर ने तहसीलदार से रिकार्ड जांचकर फर्जीवाड़ा साबित होने पर नामांतरण निरस्त करने के निर्देश दिए। भूमि का फर्जी बंटवारा दिखाकर बेची जमीन भांडेर से पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि परिवारजनों ने स्थानीय दबंगों की मदद से संयुक्त खातेदारी वाली भूमि का फर्जी बंटवारा दिखाकर 1000 वर्गफुट जमीन बेच दी और अब मकान खाली कराने की धमकी दे रहे हैं। कलेक्टर ने एसडीएम को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। हीरापुर, बसई से आए लोगों ने बताया कि उनकी 1/2 हिस्सेदारी के बावजूद पटवारी मिलीभगत से 1/3–1/3 का गलत बंटवारा किया जा रहा है। कलेक्टर ने पुनः परीक्षण कर 1/2–1/2 बंटवारा करने को कहा। 110 लोगों की समस्याएं कलेक्टर ने सुनी जनसुनवाई में 110 से अधिक आवेदकों की बातें सुनी गईं। कई मामलों में मौके पर ही निर्देश दिए गए। इस दौरान रास्ते पर कब्जा, सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण, अनाथ नाती-नातिन के भरण-पोषण भत्ते का भुगतान बंद होने, गलत नामांतरण, जबरन कब्जा और बिजली कनेक्शन जैसी समस्याएं भी रखी गईं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण तय करने के निर्देश दिए।


