करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में मंगलवार दोपहर को नीमच में ‘जन क्रांति न्याय यात्रा’ निकाली गई। यह यात्रा आगामी 21 दिसंबर को हरदा में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर होने वाले ‘जन क्रांति न्याय आंदोलन’ के लिए सर्व समाज को एकजुट करने और आह्वान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह यात्रा ग्वालटोली चौराहे पर महाराणा प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुई। यह डाक बंगला चौराहा, शिवाजी सर्कल, फवारा चौक, कमल चौक, भारत माता चौराहा और विजय टॉकीज चौराहा होते हुए दशहरा मैदान स्थित टाउन हॉल पहुंची। टाउन हॉल में एक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई और सभी को संबोधित किया गया। सभा मंगलवार शाम को संपन्न हुई। करणी सेना की 21 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से 12-13 जुलाई 2025 के हरदा लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और झूठे प्रकरण वापस लेने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, EWS आरक्षण में भूमि व मकान की बाध्यता समाप्त कर केवल ₹18 लाख वार्षिक आय को आधार बनाने, सभी सरकारी भर्तियों में 5 वर्ष की आयु छूट देने और आरक्षण को पूर्णतः आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की गई है। अन्य मांगों में SC/ST एक्ट के तहत बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक लगाने और झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी शामिल है। क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास से छेड़छाड़ पर रोक, सवर्ण आयोग का पुनर्गठन और भर्ती कानून बनाने की मांग भी उठाई गई है। किसानों के लिए स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट लागू करने, कृषि उपकरणों पर पूर्ण GST छूट देने और फसल नुकसान पर ₹55,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग भी इसमें शामिल है। यात्रा में MPEB के स्मार्ट मीटरों पर प्रतिबंध लगाने, धर्म या जाति बदलकर धोखाधड़ी करने वालों पर कठोर कार्रवाई करने, लव मैरिज में माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने, सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसी मांगें भी उठाई गईं। पूर्व सैनिकों को नौकरियों में 10% आरक्षण, सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण और पुलिस आरक्षकों के लिए ₹2400 ग्रेड पे लागू करने की मांग भी इस सूची में शामिल है।


