ग्वालियर हाईकोर्ट ने भिंड के दूध व्यापारी महेंद्र सिंह नरवरिया की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने उन पर लगाए गए 3.50 लाख रुपए के जुर्माने को सही ठहराया है। यह मामला खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 168 किलोग्राम सबस्टैंडर्ड (घटिया) मावा बरामद किए जाने से संबंधित है। अधिकारियों ने यह मावा व्यापारी महेंद्र सिंह नरवरिया के प्रतिष्ठान से जब्त किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि निचली अदालतों के आदेश में कोई त्रुटि नहीं है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अपीलकर्ता को अपना बचाव प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया था। अदालत ने यह भी नोट किया कि अपीलकर्ता क्रॉस-एक्जामिनेशन के दौरान अनुपस्थित रहा, जिससे उसके बचाव की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। यह कार्रवाई 12 अगस्त 2016 को भिंड में नरवरिया की डेयरी पर छापे के दौरान हुई थी। निरीक्षण में 90 लीटर मिक्स मिल्क, 140 किलो से अधिक खोया-जिसमें 50 किलो फर्श पर फैला और 30 किलो बेड पर रखा मिला, साथ ही 60 किलो घी बरामद हुआ। लैब से रिपोर्ट 31 जनवरी 2017 आई, जिसमें मावा सबस्टैंडर्ड पाया गया, जबकि घी मानक अनुरूप था। इस आधार पर न्याय निर्णय अधिकारी ने व्यापारी पर 3.50 लाख का अर्थदंड लगाया। अपील जिला कोर्ट में की गई, लेकिन वहां भी जुर्माना बरकरार रहा। अंततः हाईकोर्ट ने भी अपील को खारिज कर दिया। क्रॉस-एक्जामिनेशन से नदारद रहा अपीलकर्ता कोर्ट क्रॉस-एक्जामिनेशन ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि व्यापारी को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत पूरी तरह से बचाव का मौका दिया गया था। 29 जून 2019 को फूड अधिकारी के बयान के दौरान वह क्रॉस-एग्जामिनेशन के लिए उपस्थित नहीं हुए। 25 जुलाई और 22 अगस्त 2019 को भी अदालत में अनुपस्थित रहे और न ही कोई बचाव साक्ष्य प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट ने कहा कि अवसर देने के बावजूद अपीलकर्ता ने उसका उपयोग नहीं किया। बड़ी मात्रा में घटिया खोया बरामद होने को देखते हुए 3.50 लाख रुपए का अर्थदंड पूरी तरह उचित है।


