जयपुर से आई एक टीम ने बारां जिले में कई उर्वरक फर्मों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद चार उर्वरक विक्रेता फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक धनराज मीणा ने बताया कि कृषि आयुक्तालय पंत कृषि भवन, जयपुर से कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा और नागेश यादव की दो सदस्यीय टीम ने जिले में सघन निरीक्षण किया। टीम ने बारां शहर में मैसर्स गायत्री फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, तिवारी फर्टिलाइजर्स, बोहत में मोहिनी एग्रो एंड केमिकल्स, ग्राम विकास सहकारी समिति बोहत, मांगरोल कस्बे में अंसारी कृषि विहार, मुस्कान खाद बीज भंडार, दिया कृषि सेवा केंद्र तथा बमोरीकलां स्थित बालाजी कृषि सेवा केंद्र के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान टीम ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान किया। इसमें अधिकांश फर्मों में अनियमितताएं सामने आईं। यह भी पाया गया कि सभी फर्मों द्वारा हाल ही में आपूर्ति किया गया आईपीएल कंपनी का यूरिया किसानों को प्रति कृषक 5 बैग के हिसाब से वितरित किया जा रहा था। एक माह की उर्वरक आपूर्ति और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ी मिलने पर चार उर्वरक विक्रेता फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित फर्मों के उर्वरक अनुज्ञापत्र का निलंबन अथवा निरस्तीकरण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सभी फर्मों पर मूल्य सूची बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और पीओपी सिफारिश अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग बोर्ड प्रदर्शित पाए गए। टीम ने उर्वरक परिगमन आदेश के अनुपालन के लिए पूर्व में स्थापित बालूंदा-लाल कोठी सीमा चेक पोस्ट का भी निरीक्षण किया।


