राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में जारी सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। एडहॉक कमेटी की अंदरूनी लड़ाई का खामियाजा अब खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है। इसकी वजह से राजस्थान अंडर – 23 टीम की महिला खिलाड़ी नागपुर में ही अटक गई है। उनके पास जयपुर आने के फ्लाइट की टिकट नहीं है। न ही वहां ठहरने की कोई व्यवस्था है। राजस्थान अंडर – 23 विमेंस टीम जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए नागपुर गई थी। टीम सोमवार को हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। जिसे मंगलवार को जयपुर आना था। लेकिन राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के बिगड़े वित्तीय हालत के बाद RCA के पास विमेंस टीम के लिए फ्लाइट टिकट बुक कराने तक की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से विमेंस टीम को अब नागपुर में ही परेशान होना पड़ रहा है। एडहॉक कमेटी और कन्वीनर में चल रहा विवाद दरअसल, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एडहॉक कमेटी के चार सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, पिंकेश जैन और मोहित यादव ने कन्वीनर दीनदयाल कुमावत के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कर मोर्चा खोल दिया था। इन सदस्यों ने कुमावत पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बैंक में पत्र भेजकर उनके हस्ताक्षर अमान्य घोषित करने और भुगतान की शक्ति चार सदस्यों में से किसी भी दो को देने की मांग की थी। जबकि पहले के नियमों के अनुसार RCA के खाते से भुगतान के लिए कन्वीनर समेत किसी भी दो अधिकृत सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक थे। इसमें दीनदयाल कुमावत के साथ पिंकेश जैन और आशीष तिवाड़ी को हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया था। इसके बाद कन्वीनर कुमावत ने भी बैंक को पत्र भेजकर कहा था कि उनके हस्ताक्षर के बिना भुगतान मान्य नहीं है। दोनों पक्षों के इन परस्पर विरोधी पत्रों के बाद बैंक ने विवाद सुलझने तक भुगतान रोक दिया। स्टाफ को सैलरी नहीं मिल रही इसके चलते RCA की वित्तीय स्थिति तेजी से खराब हो रही है। हालत इतने बिगड़ गए हैं कि RCA स्टाफ को दो महीने से सैलरी नहीं मिली। जबकि पिछले महीने राजस्थान अंडर 23 विमेंस टीम को हिमाचय में होटल का पेमेंट नहीं होने पर रोक दिया गया था। इसके बाद कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कर्मचारियों की सैलरी के साथ ही विमेंस टीम के होटल बिल को साइन किया था। लेकिन अब फिर से RCA विवाद की वजह से खिलाड़ियों को परेशान होना पड़ रहा है। दीनदयाल कुमावत ने अपने खर्चे पर राजस्थान के खिलाड़ियों को जयपुर बुलाया था दौसा जिला क्रिकेट संघ के सचिव ब्रिज किशोर उपाध्याय ने कहा- राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में आज का दिन मायूसी लेकर आया है। जहां एडहॉक विवाद की वजह से खिलाड़ियों को मजबूरन नागपुर में कैद होकर रहना पड़ रहा है। ऐसे में RCA विवाद जारी रहने तक किसी भी खिलाड़ी को पैसे की कमी नहीं आने दूंगा। भविष्य में राजस्थान टीम के खिलाड़ियों के होटल, टिकट और तमाम सामान की व्यवस्था के लिए जरूरी धनराशि मैं देने को तैयार हूं। लेकिन इस तरह राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन और सरकार की बदनामी ना काबिले बर्दाश्त है। ब्रिज किशोर ने कहा कि में दीनदयाल कुमावत का ध्यान वाद देता हूं जो उन्होंने अपने खर्चे पर राजस्थान के खिलाड़ियों को जयपुर बुलाया था। एडहॉक कमेटी सदस्य मोहित यादव ने कहा कि मौजूदा सदस्यों में कुछ फैसलों को लेकर मतभेद है। लेकिन हमारा मतभेद किसी भी सूरत में क्रिकेट और खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनेगा। आपसे पहले भी राजस्थान क्रिकेट को सुचारू ढंग से चलने के लिए हम सब ने मिलकर फैसले किए हैं। आगे भी हम सब मिलकर क्रिकेट और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए फैसला करेंगे। जल्द ही अंडर 23 विमेंस टीम के टिकट्स बुक होंगे। जिसके बाद वह राजस्थान आएंगी। एडहॉक कमेटी कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने कहा कि कमेटी के मौजूदा तीन सदस्यों द्वारा फर्जी सिलेक्शन कमेटी और फर्जी कंपनिया बनाई है। कन्वीनर के डुप्लीकेट साइन कर दिए गए है। इस तरह की अनियमिताओं को ध्यान में रखते हुए मैंने चेक पर साइन नहीं किए है। क्यों कि मैं किसी भी वित्तीय गड़बड़ी में भागीदार नहीं बनाना चाहता हूं। लेकिन इस तरह की गड़बड़ी करने वालों की वजह से मैं राजस्थान के खिलाड़ियों को परेशान नहीं होने दूंगा। इससे पहले भी मैंने अपने खर्चे पर राजस्थान के खिलाड़ियों को बुलाया है। जल्द ही राजस्थान की बेटियां भी प्रदेश लौटेंगी। लेकिन जिन लोगों ने मेरे फर्जी साइन कर गड़बड़ी की है। उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।


